नई दिल्ली। लालफीताशाही के चलते सरकारी कर्मचारियों के पेंशन मंजूरी मामलों में होने वाली अनावश्यक देरी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बेहद चिंतित हैं। इस समस्या से निपटने के लिए उन्होंने पेंशन मंजूरी और भुगतान के मामलों में देरी की आधार नंबर के जरिये ऑनलाइन निगरानी का सुझाव दिया है।

हाल में कार्मिक समेत अन्य मंत्रालयों के उच्चाधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग में पीएम ने उपरोक्त सुझाव दिया। इसमें उन्होंने पूर्व सैनिकों की पेंशन संबंध समस्याओं का जिक्र किया। 3 जून को हुई इस वीडियो कांफ्रेंसिंग में मोदी ने पेंशन मिलने में देरी की समस्या से निपटने के लिए ऑनलाइन निगरानी प्रणाली विकसित करने पर जोर दिया।

बैठक के ब्योरे के अनुसार, "कांफ्रेंसिंग में पीएम ने कहा कि ऑनलाइन निगरानी पेंशन भुगतान में देरी की समस्या से उबरने में कारगर साबित होगी।" साथ ही शुरुआत के तौर पर सेना, रेलवे, डाक एवं दूरसंचार विभाग में ऑनलाइन निगरानी सिस्टम लागू करने की संभावना तलाशने पर सहमति भी बनी। वीडियो कांफ्रेंसिंग में वित्तीय सेवा विभाग, यूआईडीएआई, इलेक्ट्रानिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग और एनआईसी के अधिकारी भी शामिल थे। वर्तमान में देशभर में केंद्र सरकार के करीब 55 लाख पूर्व कर्मचारी पेंशन के हकदार हैं।

Edited By: manoj yadav