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'असहमति के आंदोलनों को नुकसान पहुंचाती है कांग्रेस', पीएम मोदी बोले- इनका परिवार पार्टी के लिए बोझ

Published: Fri, 23 Oct 2026 12:03 AM (IST)Updated: Fri, 23 Oct 2026 12:04 AM (IST)

प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस पर राहुल गांधी को लॉन्च करने की नाकाम कोशिशों और भारत की उपलब्धियों पर सवाल उठाने के लिए निशाना साधा।

पीएम मोदी का कांग्रेस पर हमला (फाइल फोटो)

पीएम मोदी का कांग्रेस पर हमला (फाइल फोटो)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जब दुनिया "नए ऑर्डर" की तलाश कर रही है, तो कुछ लोग भारत में अव्यवस्था का सपना देख रहे हैं।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर हमला करते हुए मोदी ने कहा कि श्रीहरिकोटा से एक साल में उतने सेटेलाइट लॉन्च नहीं होते, जितने कांग्रेस अपने नेता को लॉन्च करने की नाकाम कोशिशें करती है। अपने परिवार को नाकामी के दाग से बचाने के लिए कांग्रेस भारत की उपलब्धियों पर सवाल उठा रही है। परिवार अब कांग्रेस पर बोझ है।

एएनआई के अनुसार, एक निजी चैनल के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मोदी ने मजबूत वैश्विक संस्थाओं, ग्लोबल साउथ की मुखर आवाज और संकट के समय भी प्रभावी रहने वाले अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर जोर दिया। कहा कि संयुक्त राष्ट्र जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं बदलती विश्व व्यवस्था और उभरती चुनौतियों के साथ तालमेल बिठाने के लिए संघर्ष कर रही हैं।

व्यापार, तकनीक और समुद्री मार्गों को हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। ऐसे में ऐसी वैश्विक व्यवस्था की जरूरत है, जो ताकतवर लोगों द्वारा कमजोरों का शोषण होने से रोके। चाणक्य का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने ऐसी स्थिति का जिक्र किया, जिसमें कानून-व्यवस्था नहीं होने पर ताकतवर कमजोरों का शिकार करते हैं।

मोदी ने कहा कि दुनिया में ऐसी स्थिति नहीं आनी चाहिए। इसके बाद पीएम ने भारत को ऐसी स्थिरता देने वाली व्यवस्था का प्रमुख उदाहरण बताया और स्वास्थ्य संकट के दौरान किए गए मानवीय योगदानों का उल्लेख किया।

उन्होंने कहा, कोरोना महामारी के दौरान दुनिया ने देखा कि भारत ने ऐसी भूमिका निभाई। भारत ने जरूरतमंद हर देश को टीके भेजे और 100 से अधिक देशों को दवाइयां भेजीं। बदलती विश्व व्यवस्था मजबूत वैश्विक संस्थाओं, ग्लोबल साउथ की मुखर आवाज और ऐसे अंतरराष्ट्रीय सहयोग की मांग करती है, जो संकट के समय मजबूती से साथ खड़ा रहे।

वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य पर बात करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आकांक्षा सिर्फ देश की सीमाओं तक सीमित नहीं है। कहा कि यह एक बेहतर दुनिया की गारंटी भी है। अंतरराष्ट्रीय सहयोग सिर्फ अच्छे समय के लिए नहीं है। संकट के दौरान भी इसे प्रभावी होना चाहिए। दुनिया को मजबूत बनाने में मदद के लिए भारत अपनी क्षमताओं को मजबूत कर रहा है।

(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)