ब्रिक्स में दिखी भारत की सांस्कृतिक विरासत, PM मोदी ने रामेश्वरम मंदिर की पृष्ठभूमि में किया वैश्विक नेताओं का स्वागत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में वैश्विक नेताओं का स्वागत भारत मंडपम में किया, जिसकी पृष्ठभूमि में रामेश्वरम के ऐतिहासिक रामनाथस्वामी मंदिर की भव्य तस्वीर थी।

रामेश्वरम के मंदिर की पृष्ठभूमि में मोदी ने किया नेताओं का स्वागत (फोटो-ANI)
HighLights
पीएम मोदी ने ब्रिक्स नेताओं का रामनाथस्वामी मंदिर पृष्ठभूमि में स्वागत किया।
रामनाथस्वामी मंदिर भगवान शिव को समर्पित एकमात्र चार धाम मंदिर है।
यह दक्षिण भारत का एकमात्र ज्योतिर्लिंग है, जिसका पौराणिक महत्व है।
पीटीआई, नई दिल्ली। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के जरिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत की समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को दुनिया के सामने प्रस्तुत किया।
भारत मंडपम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान शनिवार को जब प्रधानमंत्री वैश्विक नेताओं का स्वागत कर रहे थे, तो पृष्ठभूमि में रामेश्वरम (तमिलनाडु) स्थित ऐतिहासिक रामनाथस्वामी मंदिर की भव्य तस्वीर प्रदर्शित की गई थी। इस मंदिर का पौराणिक महत्व रहा है। माना जाता है कि रावण पर विजय के बाद भगवान राम ने यहीं पर भगवान शिव की पूजा की थी।
ब्रिक्स सम्मेलन से पहले पीएम मोदी ने चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, इंडोनेशियाई राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान, दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा और अन्य नेताओं का स्वागत किया। नेताओं ने एक-दूसरे से हाथ मिलाया और रामनाथस्वामी मंदिर की पृष्ठभूमि में तस्वीरें खिंचवाईं। चिनफिंग का स्वागत करते हुए मोदी ने उन्हें मंदिर के महत्व के बारे में भी बताया।
चार धाम का एकमात्र मंदिर जो भगवान शिव को समर्पित है रामनाथस्वामी मंदिर चार धामों में स्थित एकमात्र ऐसा मंदिर है, जो भगवान शिव को समर्पित है। बाकी तीन धाम (द्वारका, पुरी और बद्रीनाथ) भगवान विष्णु या उनके अन्य रूप को समर्पित हैं।
रामेश्वरम भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में भी सम्मिलित है। जबकि 11 ज्योतिर्लिंग उत्तर या मध्य भारत में हैं, रामेश्वरम दक्षिण भारत स्थित अकेला ज्योतिर्लिंग है। रामेश्वरम न केवल शैव, बल्कि वैष्णव अनुयायियों के लिए भी प्रमुख तीर्थ स्थल है।
