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'भाजपा शासन के मूल में है सेवा भाव',  सेवा संकल्प यात्रियों से बातचीत में बोले प्रधानमंत्री मोदी

Published: Thu, 24 Sep 2026 09:17 PM (IST)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकार के प्रमुख के रूप में 25 साल पूरे होने पर 'सेवा भाव' को शासन का मूल बताया।

वडनगर से बनारस की यात्रा कर रहे सेवा संकल्प यात्रियों से पीएम ने की बात

वडनगर से बनारस की यात्रा कर रहे सेवा संकल्प यात्रियों से पीएम ने की बात

HighLights

  1. प्रधानमंत्री मोदी ने 25 साल पूरे होने पर सेवा भाव को सर्वोपरि बताया।

  2. 'सेवा संकल्प यात्रा' के माध्यम से युवाओं को राष्ट्र निर्माण से जोड़ा।

  3. 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में युवाओं की अहम भूमिका।

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। सरकार के प्रमुख के रूप में 25 साल पूरे कर रहे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सरकार के फैसलों और कामकाज में सेवा भाव को सर्वोपरि बताया है। उन्होंने कहा कि भाजपा राजनीतिक रूप से कितनी भी शक्ति प्राप्त कर लें, सेवा के मार्ग से कभी नहीं भटकेंगे।

प्रधानमंत्री अपने जन्मभूमि वडनगर से कर्मभूमि बनारस की यात्रा कर रहे सेवा संकल्प यात्रियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बातचीत की। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को वे बनारस से वडनगर की ओर जा रहे यात्रियों से बातचीत करेंगे। सरकार के प्रमुख के रूप प्रधानमंत्री मोदी के 25 साल पूरे होने पर भाजपा सेवा संकल्प के रूप में मना रही है। इसी क्रम में यह यात्रा आयोजित की गई है।

सेवा संकल्प यात्रा में युवाओं की बड़ी संख्या में भागीदारी की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को साकार करने में युवाओं की बड़ी भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि राजनीति, चुनाव और शासन का अपना स्थान है, लेकिन हम राष्ट्र निर्माण और भारत के विकास के संकल्प के साथ निकले हैं।

मोदी ने कहा कि वाराणसी और वडनगर प्राचीन शहर हैं जो जीवंत बने हुए हैं, एक उनका जन्मस्थान है और दूसरा उनकी कर्मभूमि है। उन्होंने कहा कि गुजरात से दिल्ली तक, सेवा हमारी शासन प्रणाली और मूल्यों का मूल रही है। जब शासन के मूल में सेवा होती है, तो हर नीति के हृदय में नागरिक देवो भव का संकल्प होता है। उन्होंने कहा कि हमारे आचरण से यह लोगों को दिखना भी चाहिए।

प्रधानमंत्री मोदी ने यात्रा के प्रतिभागियों से ग्रामीणों के पारंपरिक ज्ञान और समाधानों के समृद्ध खजाने से सीखने और विविधता में एकता के भारतीय दर्शन के संदेश को पूरे देश में फैलाने का भी आह्वान किया। उन्होंने प्रतिभागियों से यात्रा के दौरान लोगों से शक्ति की सप्तधारा के बारे में बात करने को भी कहा।

15 अगस्त को, पीएम मोदी ने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की यात्रा में तेजी लाने के उद्देश्य से सात-सूत्रीय सुधार ढांचा, सप्त धारा रखा था, जिसमें विनिर्माण, कृषि-खाद्य उत्पादन और खाद्य प्रसंस्करण, प्रौद्योगिकी और नवाचार, लॉजिस्टिक्स, रक्षा, हरित और नीली अर्थव्यवस्था और सॉफ्ट पावर पर ध्यान केंद्रित किया गया था।

सेवा संकल्प यात्रा के प्रतिभागियों ने भी पीएम के साथ अपने अनुभव साझा किए।