IISF 2020 : पीएम मोदी बोले, विज्ञान और तकनीक तब तक अधूरी, जब तक लोगों को इसका फायदा न मिले
पीएम मोदी ने कहा कि हमारे वैज्ञानिकों ने इस पर शोध किया है। हमारा टेक उद्योग वैश्विक समस्याओं को हल करने में सबसे आगे है लेकिन भारत और अधिक करना चाहता है। हमारे सभी प्रयास भारत को वैज्ञानिक शिक्षा के लिए सबसे भरोसेमंद केंद्र बनाने के उद्देश्य से हैं।

नई दिल्ली, एएनआइ। इंडियन इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल (IISF) 2020 को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत में विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार की एक समृद्ध विरासत है। हमारे वैज्ञानिकों ने इस पर शोध किया है। हमारा टेक उद्योग वैश्विक समस्याओं को हल करने में सबसे आगे है लेकिन भारत और अधिक करना चाहता है। हमारे सभी प्रयास भारत को वैज्ञानिक शिक्षा के लिए सबसे भरोसेमंद केंद्र बनाने के उद्देश्य से हैं। साथ ही, हम चाहते हैं कि हमारा वैज्ञानिक समुदाय वैश्विक प्रतिभाओं के साथ और विकसित हो। विज्ञान और तकनीक तब तक अधूरी, जब तक लोगों को इसका फायदा नहीं मिले।
उन्होंने कहा कि जिस तरह से हमने अंतरिक्ष क्षेत्र में सफलता हासिल की है, उसी तरह हमें समुद्र के क्षेत्र में भी सफलता हासिल करनी है। इस दिशा में, भारत महासागर मिशन चला रहा है। भारत सरकार किसी भी चुनौती को दूर करने के लिए तैयार है और यहां के अनुसंधान के माहौल को बेहतर बनाने के लिए तैयार है।
All our efforts are aimed at making India the most trustworthy centre for scientific learning. At the same time, we want our scientific community to share and grow with the best of global talent. No wonder India has become active in hosting hackathons: PM Modi https://t.co/YyiwPzoyMJ" rel="nofollow
— ANI (@ANI) December 22, 2020
इसके साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि हमारे सभी प्रयास भारत को वैज्ञानिक शिक्षा के लिए सबसे भरोसेमंद केंद्र बनाने के उद्देश्य से हैं। साथ ही, हम चाहते हैं कि हमारा वैज्ञानिक समुदाय वैश्विक प्रतिभाओं के साथ साझा और विकसित हो। कोई आश्चर्य नहीं कि भारत हैकथॉन की मेजबानी में सक्रिय हो गया है।
वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत सरकार किसी भी चुनौती को दूर करने के लिए तैयार है और यहां के अनुसंधान के माहौल को बेहतर बनाने के लिए तैयार है।

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