नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को अपने दो दिवसीय दौरे पर बांग्लादेश पहुंचे। ढाका एयरपोर्ट पर उनका स्वागत बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना ने किया। एयरपोर्ट पर मोदी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद प्रधानमंत्री ने भारत-बाांग्लादेश बस सेवा को हरी झंडी दिखाई। ये बसें दो अलग-अलग रूटों पर कोलकाता-ढाका और अगरतला और ढाका-शिलांग और गुवाहाटी के बीच चला करेंगी। इस अवसर पर पीएम के साथ बांग्लादेश की प्रधानमंत्री तथा पश्िचम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी भी थीं।

भारत और बांग्लादेश दोनों के ही लिए पीएम का यह दौरा बेहद अहम माना जा रहा है। इसकी एक खास वजह यह भी है क्योंकि इस दौरे में दोनों देशों के बीच वर्षों से चल रहे सीमा विवाद को लेकर एक बड़े समझौते पर मुहर लगने वाली है। इसके अलावा कई बड़े समझौतों पर भी दोनों देशों के प्रमुख हस्ताक्षर करेंगे।

मोदी का गर्मजोशी से स्वागत

ढाका एयरपोर्ट पीएम मोदी का बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना ने स्वागत किया। यहां पर कई वरिष्ठ नेता और अधिकारी भी मौजूद थे। वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पहले ही ढाका पहुंच चुकी हैं। अपनी इस विदेश यात्रा से पहले उन्होंने ट्वीट कर कहा है कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच रिश्तों को और मजबूत करेगी। इसके अलावा यह यात्रा दोनों देशों के अलावा इस पूरे क्षेत्र के लिए फायदेमंद साबित होगी।

मोदी ने बांग्ला में ट्वीट कर कहा 'थैंक्स'

ढाका पहुंचने पर पीएम ने बांग्ला भाषा में ट्वीट कर शेख हसीना को उनके जोरदार स्वागत करने पर धन्यवाद दिया है। उन्होंने कहा कि वह इस यात्रा के जरिए दोनों देशों के बेहतर भविष्य की ओर देख रहे हैं। पीएम ने उम्मीद जताई है कि उनका यह दौरा दोनों देशों के बीच रिश्तों में और मजबूती लाएगा।

1971 के युद्ध में शहीद हुए जवानों को मोदी की श्रद्धांजलि

ढाका पहुंचने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शहीद स्मारक जाकर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। यह स्मारक 1971 के युद्ध में शहीद हुए जवानों की याद में बना है। उन्होंने यहां पर एक पौधा भी लगाया और विजिटर बुक में अपने विचार भी लिखे।

बंगबंधु मेमोरियल पहुंचे मोदी

इसके अलावा वह बंगबंधु मेमोरियल म्यूजियम भी देखने गए। यहां उन्होंने बांग्लादेश के पहले राष्ट्रपति शेख मुजिबुर्ररहमान को श्रृद्धा सुमन अर्पित किए। उन्हें सामान्यत: बंगलादेश का जनक कहा जाता है। वे अवामी लीग के अध्यक्ष थे। पाकिस्तान के खिलाफ सशस्त्र संग्राम की अगुवाई करते हुए बांग्लादेश को मुक्ति दिलाई। बांग्लादेश के प्रथम राष्ट्रपति बने और बाद में प्रधानमंत्री भी बने। वे 'शेख मुजीब' के नाम से भी प्रसिद्ध थे। उन्हें 'बंगबन्धु' की पदवी से सम्मानित किया गया। 15 अगस्त 1975 को सैनिक तख्तापलट के द्वारा उनकी हत्या कर दी गई थी।

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ढाका में लगे मोदी-हसीना के बड़े पोस्टर

बांग्लादेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भव्य स्वागत की तैयारी है। राजधानी ढाका में सड़कों पर मोदी, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी व बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के विशाल पोस्टर लगे हैं। ममता यहां कोलकाता-ढाका-अगरतला बस सेवा की शुरुआत के लिए समारोह में शामिल होंगी। दोनों देशों के पुराने संबंध और 1971 में हुए बांग्लादेश मुक्ति संग्राम में भारत की भूमिका को रेखांकित करने वाले बांग्लादेश के संस्थापक शेख मुजीबुर रहमान और भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के विशाल पोस्टर भी लगे हैं।

समझौतों पर होंगे हस्ताक्षर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के साथ भूमि सीमा समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे। इस समझौते पर भारतीय संसद पहले ही मुहर लगा चुकी है। इसके साथ ही दोनों पड़ोसी देशों के बीच 41 वर्षों से चल रहा सीमा विवाद पूरी तरह से खत्म हो जाएगा। दोनों सामुद्रिक सीमा विवाद का पहले ही निपटारा कर चुके हैं।

समझौते से उम्मीद

विदेश सचिव एस जयशंकर का कहना है कि भूमि सीमा समझौते पर हस्ताक्षर होना कोई मामूली बात नहीं है। यह समझौता आने वाले दिनों में इन पड़ोसी देशों के आपसी रिश्तों को नई ऊंचाई तक ले जाएगा। इससे दोनों देश 4096 किलोमीटर लंबी अपनी सीमा का बेहतर तरीके से प्रबंधन कर सकेंगे। सीमा पर गैर कानूनी गतिविधियों पर रोक लग सकेगी। भारत विरोधी गतिविधियों का खात्मा हो सकेगा, द्विपक्षीय कारोबार बढ़ेगा और आम जनता के बीच मेल भाव बढ़ेगा। नेपाल-भूटान-भारत-बांग्लादेश के बीच संयुक्त राजमार्ग का निर्माण करने को लेकर भी बातचीत होगी और संभव है कि इस पर अगले कुछ हफ्तों में हस्ताक्षर हो जाए।

भारत बढ़ाएगा डीजल व बिजली की आपूर्ति

मोदी और शेख हसीना के नेतृत्व में दोनो पक्षों में करीब 20 समझौते होने के आसार हैं। इसमें बांग्लादेश को ज्यादा डीजल व बिजली की आपूर्ति का समझौता भी शामिल है।

बांग्लादेशी टीवी सीरियल का भारत में प्रसारण

इसके अलावा भारत ने बांग्लादेश के टीवी सीरियलों का भारत में प्रसारण करने की उसकी पुरानी मांग को स्वीकार करने का भी मूड बना लिया है। इस पर भी समझौता होगा। सीमा विवाद निपटारे के बाद दोनों देशों के बीच अब सबसे बड़ा मुद्दा नदी जल बंटवारे का है। खास तौर पर तीस्ता नदी के पानी के बंटवारे को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले ही काफी बातचीत हो चुकी है। माना जा रहा है कि मोदी इस समझौते को अंतिम रूप देने को लेकर हसीना से बातचीत करेंगे।

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Posted By: Sachin k