होर्मुज में कब होगी शांति? PM मोदी और ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियान के बीच हुई बातचीत
प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिक्स बिजनेस फोरम से इतर ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से मुलाकात की, जहां होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा और पश्चिम एशिया संकट पर चर्चा हुई।

पीएम मोदी और ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने होर्मुज स्ट्रेट सुरक्षा पर की अहम चर्चा (फोटो- PTI)
HighLights
पीएम मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियान से ब्रिक्स में मुलाकात की।
होर्मुज स्ट्रेट सुरक्षा और पश्चिम एशिया संकट पर हुई बात।
भारत ने ईरान के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों को महत्व दिया।
संजय मिश्र, नई दिल्ली । अमेरिका-इजरायल से युद्ध लड़ रहे ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान को भारत ने ब्रिक्स का अहम वैश्विक कूटनीतिक मंच दिया। ब्रिक्स देशों के शनिवार से शुरू होने वाले शिखर सम्मेलन से पहले शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन तथा कुछ अन्य राष्ट्राध्यक्षों के साथ ब्रिक्स बिजनेस फोरम के मंच पर पेजेश्कियान को ईरान का दृष्टिकोण रखने का मौका मिला।
इतना ही नहीं, मोदी और पेजेश्कियान के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक भी पश्चिमी दुनिया के लिए स्पष्ट संदेश है कि वैश्विक उथल-पुथल के इस गंभीर दौर में भी भारत, ईरान के साथ अपने पुराने मैत्रीपूर्ण रिश्तों को अहमियत देता है।
पेजेश्कियान से द्विपक्षीय बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही की सुरक्षा के साथ ही पश्चिम एशिया युद्ध संकट के मामले पर बातचीत की और कूटनीतिक वार्ता के जरिये ही सभी मुद्दों का समाधान निकालने के भारत के रुख को दोहराया।
ब्रिक्स सम्मेलन से इतर राष्ट्रपति पुतिन के बाद प्रधानमंत्री मोदी की दूसरी अहम द्विपक्षीय बैठक ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियान के साथ ही हुई। मोदी-पेजेश्कियान की इस बातचीत के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी मौजूद थे।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस बातचीत के दौरान मोदी और पेजेश्कियान ने आपसी संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने मुश्किल हालात के बावजूद ब्रिक्स से जुड़ी बैठकों में ईरान की नियमित और उच्चस्तरीय भागीदारी के लिए ईरान को धन्यवाद दिया।
साथ ही 'ग्लोबल साउथ' के देशों के बीच लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता की भावना को बढ़ावा देने में ब्रिक्स की क्षमता का जिक्र करते हुए ब्रिक्स बिजनेस फोरम के लीडर्स सेशन में शामिल होने के लिए पेजेश्कियान का भी धन्यवाद किया।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया में हाल की घटनाओं पर विचारों का आदान-प्रदान किया। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के इस रुख को दोहराया कि सभी मुद्दों को बातचीत व कूटनीति के जरिये सुलझाया जाना चाहिए।
उन्होंने क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने, नौवहन व व्यापार की आजादी की रक्षा करने और समुद्री यात्रियों की सुरक्षा व कल्याण के लिए लगातार कोशिशों की जरूरत पर भी जोर दिया।
प्रधानमंत्री ने ब्रिक्स समेत कई देशों वाले संगठनों में आपसी हित के मुद्दों पर भारत-ईरान के बीच लगातार सहयोग की सराहना की। ईरान के साथ संबंधों को भारत कितनी तवज्जो देता है, इसका संदेश देते हुए विदेश मंत्रालय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की राष्ट्रपति पेजेश्कियान से यह दो हफ्ते से भी कम समय में दूसरी मुलाकात थी।
इससे पहले 31 अगस्त को बिश्केक में एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं की मुलाकात हुई थी।
