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'दुनिया का भारत पर बढ़ रहा भरोसा', सेमीकॉन इंडिया 2026 में बोले पीएम मोदी

Published: Thu, 17 Sep 2026 11:11 PM (IST)

प्रधानमंत्री मोदी ने सेमीकॉन इंडिया 2026 के उद्घाटन पर भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था और वैश्विक भरोसे पर जोर दिया।

सेमीकॉन इंडिया 2026 का पीएम मोदी ने किया उद्घाटन

सेमीकॉन इंडिया 2026 का पीएम मोदी ने किया उद्घाटन

HighLights

  1. पीएम मोदी ने सेमीकॉन इंडिया 2026 का उद्घाटन किया।

  2. भारत में चिप निर्माण और वैश्विक बाजार में पहुंच बढ़ी।

  3. सेमीकंडक्टर मिशन का दूसरा चरण 13.5 अरब डॉलर का।

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। सेमीकॉन इंडिया 2026 के उद्घाटन के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि एक तरफ भारत की इकोनमी बढ़ रही है तो दूसरी तरफ दुनिया का भारत पर भरोसा बढ़ता जा रहा है।

सेमीकंडक्टर इको-सिस्टम से जुड़ी देश-विदेश की 300 से अधिक कंपनियों के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि 2022 में चिप निर्माण की यात्रा शुरू हुई थी और अब भारत में बनी चीप वैश्विक बाजार तक पहुंचने लगी है। इतने कम समय में यहां तक पहुंचना आसान नहीं होता है। सेमीकंडक्टर का इकोसिस्टम तैयार करने में दशकों लग जाते हैं।

नई दिल्ली के यशोभूमि में आयोजित सेमीकान इंडिया में प्रधानमंत्री ने सूरत और मोहाली स्थित दो सेमीकंडक्टर कंपनियों के कमर्शियल उत्पादन की शुरुआत की।

मोदी ने कहा कि सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में टेप-आउट नाम का एक शब्द इस्तेमाल होता है। डिजाइन पूरा होने के बाद इस दिन चिप उत्पादन के लिए चली जाती है। लेकिन टेप आउट के बाद काम रुकता नहीं है। उसी दिन अगले वर्जन पर काम शुरू हो जाता है। भारत भी यही कर रहा है।

सेमीकंडक्टर मिशन का पहला चरण पूरा होने के बाद दूसरे पर काम शुरू कर दिया गया है। पहले चरण का आकार आठ अरब डॉलर का था, जबकि दूसरे चरण का आकार 13.5 अरब डॉलर का है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में फैबलेस कंपनी के विकास से लेकर बौद्धिक संपदा के सृजन तक देश में ही करने का प्रयास किया जा रहा है। अलग-अलग तरीके के कंपाउंड सेमीकंडक्टर्स बनाने से लेकर सिलिकान फोटोनिक्स के इकोसिस्टम के साथ पूरी सप्लाई चेन पर भारत काफी अधिक फोकस कर रहा है।

इतना बड़ा टैलेंट पुल... गोल्ड माइंस से कम नहीं

दुनिया की कंपनियों के समक्ष भारत के युवाओं की कुशलता का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इतना बड़ा टैलेंट पुल आप सभी के लिए गोल्ड माइंस से कम नहीं है। भारत में इंजीनियरिंग टैलेंट का बहुत बड़ा पुल है। भारत में हजारों इंजीनियरिंग कालेज हैं और यहां हर साल लाखों इंजीनियर तैयार होते हैं।

हमारी सरकार एक लाख इंजीनियर छात्रों को सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री के लिए प्रशिक्षित करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। मोदी ने देश के युवाओं से कहा कि वे आगे आएं। जो भारतीय युवा विदेश में अनुसंधान कर रहे हैं, वे भी भारत में एडवांस टेक्नोलाजी के विकास से जुड़े।

एआई के आने से खड़े हुए कुछ सवाल

मोदी ने कहा कि एआई के आने से इस इंडस्ट्री के समक्ष कुछ नए सवाल भी खड़े हुए हैं। पिछले दो सालों में सेमीकंडक्टर के वैश्विक बाजार की विकास दर 20 प्रतिशत रही है। इस विकास दर में बहुत बड़ा हाथ एआई की वजह से पैदा हुई मांग का है। यानी कि अगर आप एआई पर काम कर रहे हैं तो चुनौती सिर्फ यह नहीं है कि चिप के अंदर क्या है, बल्कि चुनौती यह भी है इसके इर्द-गिर्द क्या हो रहा है।

बिजली का प्रबंधन भी सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए चुनौती है। भारत इन तमाम चुनौतियों के लिए खुद को तैयार कर रहा है।