युवाओं के कौशल को पीएम का सलाम, वर्ल्ड स्किल्स प्रतियोगिता के प्रतिभागियों से मिलकर हाथों से खिलाई मिठाई
प्रधानमंत्री मोदी ने शंघाई में आयोजित वर्ल्ड स्किल्स प्रतियोगिता-2026 के प्रतिभागियों से मुलाकात की, उनकी उपलब्धि की सराहना की और ...और पढ़ें
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पीएम मोदी ने वर्ल्ड स्किल्स 2026 प्रतिभागियों से मुलाकात की।
HighLights
पीएम मोदी ने वर्ल्ड स्किल्स 2026 प्रतिभागियों से मुलाकात की।
भारत वर्ल्ड स्किल्स में 70 देशों में दसवें स्थान पर रहा।
प्रधानमंत्री ने युवाओं को 'स्किल एंबेसडर' बनने को प्रेरित किया।
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लिए कौशल विकास कितना गंभीर मुद्दा है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि हाल ही में शंघाई में आयोजित वर्ल्ड स्किल्स प्रतियोगिता- 2026 के प्रतिभागियों को स्वयं उन्होंने अपने सरकारी आवास पर मिलने के लिए बुलाया। कोई फर्क नहीं कि किसने पदक जीता और किसने नहीं, पीएम ने सभी को 'स्किल एंबेसडर' के रूप में सक्रियता रखने के लिए प्रेरित करते हुए भारत को वैश्विक कौशल मंच पर टॉप-10 में पहुंचाने के लिए पीठ थपथपाई, खुद अपने हाथों में प्लेट उठाकर मिठाई खिलाई।
चर्चा के लिए खुला माहौल दिया, हाथ उठाओ और अपने दिल की बात कहो। प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद अभिभूत प्रतिभागी बोले, 'सर हमसे चर्चा में घुल-मिल गए थे। कभी वह स्टुडेंट की तरह जिज्ञासु दिखे तो कभी मार्गदर्शन देते स्किल कोच जैसे लगे।'
वर्ल्ड स्किल्स प्रतियोगिता में इस बार भारत 70 देशों के बीच दसवें स्थान पर रहा, जबकि दो साल पहले फ्रांस में 13वां स्थान था। इस उपलब्धि की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने भारत का शंघाई में प्रतिनिधित्व करने वाले युवा प्रतिभागियों के 70 सदस्यीय दल को मिलने के लिए बुलाया।
छह रजत और 20 उत्कृष्टता पदक जीतने के लिए बधाई दी। दल में शामिल एक प्रतिभागी ने बताया कि सबसे पहले पीएम मोदी के साथ ग्रुट फोटो हुआ। इसके बाद सभी प्रतिभागी बैठ गए और प्रधानमंत्री टहल-टहल कर सभी से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने पूछा कि कितने लोग पहली बार विदेश गए? अनुभव कैसा रहा। फिर कहा कि जिसे भी अपनी बात कहनी हो, वह हाथ खड़ा करे। करीब 15-17 युवाओं ने अपनी बात रखी।
उनसे पीएम ने पूछा कि उनके स्किल में क्या-क्या होता है? वह किन क्षेत्रों में काम आती है, उनमें टूल कौन से प्रयोग होते हैं और वहां अन्य प्रतिद्वंद्वियों के स्किल और टूल को लेकर क्या विचार है। युवाओं ने यह भी कहा कि विश्व स्तर पर अपने देश का प्रतिनिधित्व करने पर गर्व महसूस हुआ।
कौशल विकास के लिए सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों से काफी मदद मिली। इस पर प्रधानमंत्री ने इन प्रतिभागियों से स्किल डेवलपमेंट के एंबेसडर बनने का आग्रह किया। कहा कि व्यावहारिक कौशल उतना ही जरूरी है, जितनी एकेडमिक डिग्रियां।
खास स्किल्स के महत्व पर जोर देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि जैसे-जैसे टेक्नोलाजी तेजी से बदल रही है, युवाओं को लगातार नई स्किल्स सीखनी चाहिए, अपनी मौजूदा क्षमताओं को अपग्रेड करना चाहिए और नई टेक्नोलाजी के हिसाब से खुद को ढालना चाहिए।
उन्होंने प्रतिभागियों से विश्व बाजार की जरूरतों के हिसाब से कौशल विकसित करने और अपने अनुभवों व सुझावों के जरिए भारत के स्किल ट्रेनिंग ईकोसिस्टम को बेहतर बनाने में योगदान देने का आग्रह किया। कहा कि भारत को कुशल मानव संसाधन का ग्लोबल हब बनाने के लिए युवाओं, सरकार और ट्रेनिंग संस्थानों को मिलकर काम करना होगा। कौशल के महत्व पर जोर देते हुए बोले कि स्किल ट्रेनिंग संस्थानों का महत्व आइआइटी और आइआइएम से कम नहीं है। बातचीत के दौरान कौशल विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयन्त चौधरी भी साथ थे।
