विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

'विकसित देशों में छह गुना ज्यादा उत्सर्जन, फिर भी दोष विकासशील देशों पर' PM मोदी ने जलवायु असमानता का उठाया मुद्दा

Published: Sat, 19 Sep 2026 06:55 PM (IST)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जलवायु असमानता का मुद्दा उठाते हुए कहा कि विकसित देशों में भारत की तुलना में छह ...और पढ़ें

PM मोदी ने जलवायु असमानता का उठाया मुद्दा।

PM मोदी ने जलवायु असमानता का उठाया मुद्दा।

HighLights

  1. विकसित देशों में प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन भारत से छह गुना अधिक।

  2. पीएम मोदी ने स्वच्छ ऊर्जा विरोधियों की आलोचना की, परमाणु ऊर्जा पर बल।

  3. भारत ने पेरिस प्रतिबद्धताएं समय से पहले पूरी कीं, नवीकरणीय ऊर्जा पर केंद्रित।

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जलवायु असमानता का मुद्दा उठाते हुए कहा कि भारत की तुलना में विकसित देशों में छह गुना ज्यादा प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन हो रहा हैं फिर भी जलवायु परिवर्तन के लिए अक्सर विकासशील देशों को गलत तरीके से दोषी ठहराया जाता है।

इसके साथ ही पीएम ने स्वच्छ ऊर्जा से जुड़े समाधान का विरोध करने वालों को भी आड़े हाथे लेते हुए कहा कि देश न्यूक्लियर एनर्जी उत्पादन की दिशा में तेजी से काम कर रहा है लेकिन जब भी इस दिशा में आग बढ़ते है तो पर्यावरण के बारे में सबसे ज्यादा बातें करने वाले लोग ही कोर्ट में केस दाखिल कर उसके विरोध में खड़े हो जाते है।

प्रधानमंत्री मोदी शनिवार को एनजीटी और वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की ओर से आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि ‘प्रकृति व पर्यावरण के विषय पर सदियों से भारत एक तरह से विश्व का मार्गदर्शन किया है।

अपने उसी वैचारिक कमिटमेंट और सांस्कृतिक अनुभवों को आधार बनाकर भारत अब आधुनिक क्लाइमेट चैलेंजेज का समाधान भी दे रहा है। लेकिन इसके बाद भी अक्सर कार्बन उत्सर्जन को लेकर गलत तरीके से विकासशील देशों पर जिम्मेदारी डाली जाती रही है। जबकि सच्चाई यह है कि प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन में आज भी भारत का योगदान ग्लोबल एवरेज के आधे से कम है।

भारत इस तथ्य को मजूबती के वैश्विक मंचों पर रखता है। और मैं हर भारतवासी से कहूंगा आप भी दम दिखाइए। हमने अपनी परंपराओं और उसकी ताकत को भी दुनिया के सामने रखा है।’

दुनिया के कई देशों के पर्यावरण विशेषज्ञों, सुप्रीम कोर्ट के जजों, कानूनी विशेषज्ञों व वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों की मौजूदगी में पीएम ने कहा भारत बाकी दुनिया के साथ मिलकर काम कर रहा है व पर्यावरण संरक्षण के लिए नए मानक स्थापित कर रहा है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि हमारा विकास तेज और टिकाऊ दोनों है।

भारत रिन्यूएबल एनर्जी पर ध्यान केंद्रित कर रहा है और यह जी-20 का एकमात्र ऐसा देश है जिसने पेरिस प्रतिबद्धताओं को समय-सीमा से काफी पहले पूरा कर लिया है। यह नए भारत की ताकत है। उन्होंने बताया कि पिछले 12 वर्षों में बिंड एनर्जी की क्षमता तीन गुना बढ़ी है।

सोलर एनर्जी की क्षमता 2 गीगावाट से बढ़कर 160 गीगाबाट से ज्यादा हो गई है। हाइड्रो एनर्जी क्षमता भी बढ़ी है, न्यूक्लियर एनर्जी उत्पादन पर तेजी से काम हो रहा है। इन कोशिशों से भारत की नॉन-फॉसिल एनर्जी क्षमता 400 प्रतिशत बढ़ गई है। उन्होंने पिछले सालों में मेट्रो, ईवी वाहनों व सघन वन क्षेत्रों में हुई वृद्धि आदि को गिनाया है।