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बड़े सुधारों की तैयारी में मोदी सरकार: सचिवों को दिए 3 टास्क, मंगलवार को पीएम के साथ होगी मीटिंग

By Rajeev KumarEdited By: Garima Singh
Published: Mon, 27 Jul 2026 09:51 PM (IST)Updated: Mon, 27 Jul 2026 10:13 PM (IST)

सरकार पश्चिम एशिया संकट के प्रभाव से अर्थव्यवस्था को उबारने और विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए बड़े सुधारों की ओर बढ़ रही है।

पीएम मोदी  (फाइल फोटो)

पीएम मोदी (फाइल फोटो)

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संक्षेप में पढ़ें

राजीव कुमार, नई दिल्ली। पश्चिम एशिया संकट के प्रभाव से अर्थव्यवस्था को बाहर निकालने और विकसित भारत की लक्ष्य प्राप्ति में तेजी लाने के लिए सरकार बड़े रिफॉर्म की ओर अग्रसर है। मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सभी विभागों के सचिवों की बैठक बुलाई है जहां सचिव रिफॉर्म को लेकर अपने-अपने प्रस्तुतिकरण देंगे।

फरवरी आखिर में ईरान-अमेरिका युद्ध शुरू होने के बाद कैबिनेट सचिव ने विभिन्न सचिवों की अध्यक्षता में सात समूहों का गठन किया था। इस समूह ने कैबिनेट सचिव को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। इस रिपोर्ट का प्रस्तुतिकरण मंगलवार को प्रधानमंत्री के समक्ष दिया जाएगा।

PM ने सचिवों को दी तीन टास्क

सूत्रों के मुताबिक सभी सचिवों को बैठक में आने से पहले तीन टास्क दिए गए हैं। यही तीन टास्क बैठक का मुख्य एजेंडा होगा।

पहला टास्क यह है कि उन्हें अपने लक्ष्य प्राप्ति में या अपने विभाग के काम को आगे बढ़ाने में क्या-क्या दिक्कतें या रुकावटें आ रही हैं और उन्हें कैसे दूर किया जा सकता है। यह सुझाव भी सचिवों को देना है।

दूसरा और तीसरा टास्क क्या है?

दूसरा टास्क है कि सचिव अपनी परिधि से आगे निकलकर कैसे काम कर सकते हैं। इस बारे में भी उन्हें बताना है। तीसरा टास्क है कि सचिव अपने-अपने विभाग में लाए जाने वाले सुधार के अलावा दूसरे विभाग के बारे में भी आइडिया व सुझाव देंगे।

ऊर्जा, सप्लाई चेन, महंगाई पर होगी चर्चा

ऊर्जा, सप्लाई चेन, महंगाई, आयात-निर्यात, रक्षा निर्माण जैसे प्रमुख विषयों पर सभी विभागों के बीच आपसी तालमेल को बढ़ाना भी इन समूहों के गठन का उद्देश्य था। सबसे बड़ा समूह आर्थिक मामलों के सचिव अनुराधा ठाकुर के नेतृत्व में गठित किया गया है जिसमें 11 सदस्य हैं।

इस समूह देश की वृहद अर्थव्यवस्था को स्थिर रखने के साथ आयात-निर्यात और मैन्यूफैक्चरिंग जैसे विषयों पर प्रधानमंत्री को अपने सुझाव देगा। पेट्रोलियम सचिव नीरज मित्तल के नेतृत्व में बना समूह प्रधानमंत्री के समक्ष एलएनजी, एलपीजी व पेट्रोलियम पदार्थों के साथ ऊर्जा को लेकर अपने सुझाव देंगे।

उनके समूह में पेट्रोलियम से जुड़ी सार्वजनिक क्षेत्र की ऑयल कंपनियों के सीएमडी भी शामिल हैं। विदेश सचिव के नेतृत्व में विदेश रणनीति तो रक्षा सचिव के नेतृत्व में भी सचिवों के समूह का गठन किया गया है।

रिफॉर्म के अगले चरण को लेकर तैयारी तेज

शिपिंग सचिव विजय कुमार के नेतृत्व वाले समूह देश के लॉजिस्टिक विकास की रूपरेखा तैयार करने के लिए कहा गया है। सूत्रों का कहना है कि सभी सचिव जो प्रस्तुतिकरण देंगे उनके आधार पर रिफॉर्म के अगले चरण की तैयारी होगी।

सूत्रों का कहना है कि इज ऑफ डूइंग बिजनेस में पिछले 10 सालों में बड़े सुधार हुए हैं, फिर भी निवेशकों को फैक्ट्री लगाने में दिक्कतें आती है। सप्लाई चेन व लाजिस्टिक को बेहतर करके मैन्यूफैक्चरिंग की कुल लागत कम की जा सकती है।