विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

'साइबर फ्रॉड और डीपफेक रोकने के लिए वैश्विक फ्रेमवर्क की आवश्यक', इंडिया मोबाइल कांग्रेस में PM मोदी का बड़ा आह्वान

Published: Thu, 08 Oct 2026 08:44 PM (GMT+05:30)

प्रधानमंत्री मोदी ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस में साइबर फ्रॉड और डीपफेक कंटेंट रोकने के लिए वैश्विक फ्रेमवर्क की आवश्यकता पर जोर दिया।

साइबर फ्रॉड और डीपफेक पर लगाम लगाने की पीएम ने की अपील

साइबर फ्रॉड और डीपफेक पर लगाम लगाने की पीएम ने की अपील

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। इंडिया मोबाइल कांग्रेस के उद्घाटन अवसर प्रधानंमंत्री नरेम्द्र मोदी ने कहा कि साइबर फ्रॉड और डीपफेक कंटेंट को रोकने के लिए वैश्विक फ्रेमवर्क की आवश्यकता है। साइबर फ्रॉड और साइबर अपराध सीमाएं नहीं मानते हैं। इस काम के लिए पूरी दुनिया को एक साथ आगे आना होगा।

सभी देशों की सरकार से लेकर वित्तीय संस्थान, टेलीकॉम ऑपरेटर्स व टेक्नोलॉजी वाली कंपनियों को इस फ्रेमवर्क से जुड़ना होगा। अभी किसी एक देश में बैठा व्यक्ति दूसरे देश की टेक्नोलॉजी की मदद से किसी तीसरे देश में फ्रॉड कर देता है। हम विश्व की सभी टेलीकॉम कंपनियों और संबंधित प्लेटफॉर्म से इस प्रकार के फ्रॉड को रोकने के लिए मिलकर एक वैश्विक मैकेनिज्म बनाने का आग्रह करते हैं।

डीप-फेक्स कितनी बड़ी चुनौती बन चुकी है, यह भी हम देख रहे हैं। इसके लिए भी एक वैश्विक फ्रेमवर्क पर काम करने की जरूरत है। प्रधानमंत्री ने कहा कि टेक्नोलॉजी का प्रसार तभी होता है जब वह भरोसा हासिल करती है। भारत ने इस दिशा में अपने अनुभव से बहुत कुछ सीखा है, और भारत अपने अनुभवों को विश्व के साथ साझा करने के लिए हमेशा तैयार है।

गुरुवार को मोबाइल कांग्रेस के 10वें संस्करण के संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि फोन और नेटवर्क की सुरक्षा हम सभी की प्राथमिकता है। एक सामान्य नागरिक के लिए भरोसा बहुत अहम है। जब उसे फोन आए तो उसे पता हो कि कौन काल कर रहा है। जब मैसेज आए तो उसे पता हो कि वह असली है या फर्जी। जब फोन से भुगतान हो तो उसे विश्वास हो कि उसका पैसा सुरक्षित है। जब वह किसी फॉर्म में अपना डेटा दे, तो उसे विश्वास हो कि उसका डेटा सुरक्षित है।

मोदी ने कहा कि बीते वर्षों में भारत ने कंज्यूमर से क्रिएटर बनने की यात्रा तय की है। अब भारत उस लक्ष्य की तरफ बढ़ रहा है, जहां उत्पाद का डिजाइन भी भारत में होगा, उसकी टेक्नोलॉजी और आईपी भी भारत की होगी। इसके लिए हर जरूरी इंसेंटिव दिए जा रहे हैं। हर जरूरी रिफॉर्म्स किए जा रहे हैं। दशकों पुराने कानूनों को हम आधुनिक बना रहे हैं।

मोदी ने कहा कि भारत में हुई टेलीकॉम क्रांति ने कंटेंट की दुनिया में भी बदलाव ला दिया है। बेहतर व फास्ट कनेक्टिविटी और सस्ते डेटा ने अनेक वीडियो शेयरिंग प्लेटफॉर्म्स को गांव-कस्बों तक पहुंचा दिया है। कंटेंट क्रिएशन से जुड़ी इंडस्ट्री भारत में हजारों करोड़ रुपए की हो गई है जिससे लाखों-लाख लोगों को कमाई हो रही है। मोबाइल फोन ने भारत में कंटेंट क्रिएशन का भी डेमोक्रटाइजेशन कर दिया है।

वर्ष 2030 तक एक अरब लोगों को 5जी सेवाः सिंधिया

इंडिया मोबाइल कांग्रेस के अपने संबोधन में संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि वर्ष 2030 तक भारत ने एक अरब लोगों को 5जी सेवा उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है। अभी 55 करोड़ लोग 5जी सेवा ले रहे हैं।

उन्होंने कहा कि भारत 4जी के विस्तार के मामले में पीछे रह गया था, 5जी में हमने सबसे तेज गति से इसका प्रसार किया और अब 6जी में भारत दुनिया का नेतृत्व करने जा रहा है। 6जी सुविधा शुरू करने की दिशा में काम करने वाले भारत 6जी एलायंस से 90 संस्थाएं जुड़ी चुकी है जिन्होंने 7700 पेटेंट दाखिल किया है।

उन्होंने कहा मोबाइल फोन के निर्माण व निर्यात में भारत दूसरे नंबर पर है और आज दुनिया में सबसे सस्ता डाटा भारत में मिलता है। वर्ष 2014 में एक जीबी डाटा का शुल्क 268 रुपए था जो अभी मात्र आठ रुपए है। देश के 1.35 अरब लोग मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहे है तो 1.1 अरब लोग ब्रॉडबैंड डाटा से जुड़ चुके हैं।