PM Fasal Bima Yojana: किसानों के लिए वरदान है 'प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना', कैसे मिलेगा लाभ? पूरी डिटेल
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए प्राकृतिक आपदाओं से बचाव में एक मजबूत सुरक्षा कवच साबित हो रही है।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए वरदान

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश कृषि प्रधान राज्य है, जहां मानसून की बेरुखी, बाढ़, सूखा और ओलावृष्टि जैसी प्राकृतिक आपदाएं किसानों की मेहनत और लागत पर पानी फेर देती हैं।
ऐसी स्थिति में किसानों को आर्थिक तबाही से बचाने और उन्हें संकट से उबारने में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) एक मजबूत सुरक्षा कवच साबित हो रही है। राज्य में साल 2016-17 से ही सभी जिलों में इस योजना को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है।
फसल नुकसान पर व्यापक सुरक्षा कवर
PMFBY के तहत केवल फसल कटने के बाद ही नहीं, बल्कि पूरी खेती की अवधि के दौरान जोखिमों का बीमा किया जाता है। अगर प्रतिकूल मौसम के कारण किसान बुवाई न कर पाएं, खड़ी फसल को सूखा, बाढ़, जलभराव या ओलावृष्टि से नुकसान पहुंचे, या कटाई के बाद खेत में सुखाई जा रही फसल बर्बाद हो, योजना इस सभी चरणों में वित्तीय भरपाई सुनिश्चित करती है।
कम प्रीमियम, अधिक सरकारी सहायता
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत इसका बेहद कम और किफायती प्रीमियम दर है।
खरीफ फसलें: किसानों को केवल 2 प्रतिशत प्रीमियम देना होता है।
रबी फसलें: केवल 1.5 प्रतिशत प्रीमियम का भुगतान करना पड़ता है।
बागवानी व व्यावसायिक फसलें: इसके लिए 5 प्रतिशत का प्रीमियम तय है।
प्रीमियम की बाकी की बड़ी राशि का भुगतान केंद्र और राज्य सरकार सब्सिडी के रूप में मिलकर करती है, जिससे किसानों पर कोई भारी वित्तीय बोझ नहीं पड़ता।
कैसे उठाएं योजना का लाभ
उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) का लाभ उठाने के लिए किसान आधिकारिक पीएमएफबीवाई (PMFBY) पोर्टल या नजदीकी जनसेवा केंद्र (CSC), बैंक शाखा अथवा सहकारी समिति के माध्यम से ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं।
आवेदन के माध्यम: किसान योजना का लाभ लेने के लिए आधिकारिक PMFBY पोर्टल के जरिए ऑनलाइन या नजदीकी जनसेवा केंद्र (CSC), बैंक शाखा अथवा सहकारी समिति के माध्यम से ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं।
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया: पोर्टल पर जाकर 'Farmer Corner' में 'Enroll Now' पर क्लिक करें, नया अकाउंट बनाएं, अपनी व्यक्तिगत जानकारी, जमीन व फसल का विवरण भरें और प्रीमियम का भुगतान करें।
आवश्यक दस्तावेज: आवेदन के लिए आधार कार्ड (मोबाइल नंबर से लिंक), बैंक पासबुक की फोटोकॉपी, जमीन के कागजात (खतौनी/खसरा नंबर) और लेखपाल या ग्राम प्रधान द्वारा प्रमाणित बुवाई का प्रमाण पत्र जरूरी है।
पारदर्शी और उन्नत तकनीकों का सहारा
उत्तर प्रदेश सरकार और कृषि विभाग योजना को पारदर्शी और त्वरित बनाने के लिए उन्नत तकनीकों का सहारा ले रहे हैं।
फसल की उपज और नुकसान के सटीक आकलन के लिए रिमोट सेंसिंग, सैटेलाइट डेटा, ड्रोन तकनीक और जियो-टैगिंग आधारित डिजिटल क्रॉप-कटिंग एक्सपेरीमेंट्स का उपयोग किया जाता है। यह डिजिटल ट्रैकिंग का हिस्सा है।
किसान नेशनल PMFBY प्लेटफॉर्म के माध्यम से आसानी से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, अपनी पॉलिसी का स्टेटस चेक कर सकते हैं और फसल नुकसान की सूचना दे सकते हैं। वहीं किसी भी सवाल, समस्या या शिकायत के निवारण के लिए किसान कृषि रक्षक पोर्टल व हेल्पलाइन (KRPH) और टोल-फ्री नंबर 14447 पर संपर्क कर सकते हैं।
सरकार का आपदा राहत नेटवर्क
राज्य में किसानों को दोहरा सुरक्षा जाल मिलता है। PMFBY के बीमा दावों के साथ-साथ गंभीर प्राकृतिक आपदाओं के समय राज्य सरकार का आपदा राहत कोष भी किसानों को तत्काल राहत पहुंचाने का काम करता है।
राज्य सरकार हर मौसम और इलाके के हिसाब से लागू फसलों की जानकारी समय-समय पर जारी करती है।
