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प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार: चयन प्रक्रिया में नहीं कोई तय पैमाना, केंद्र ने CIC को दी जानकारी

Published: Sun, 04 Oct 2026 07:00 PM (IST)

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने केंद्रीय सूचना आयोग को बताया है कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के लिए चयन ...और पढ़ें

बाल पुरस्कार के लिए चयन का कोई तय पैमाना नहीं।

बाल पुरस्कार के लिए चयन का कोई तय पैमाना नहीं।

HighLights

  1. बाल पुरस्कार चयन का कोई निश्चित पैमाना नहीं।

  2. चयन 'समग्र मूल्यांकन' और असाधारण उपलब्धियों पर आधारित।

  3. CIC ने 3 साल का सांख्यिकीय डेटा मांगा।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बच्चों के सपनों और उनकी असाधारण उपलब्धियों को सम्मानित करने वाले प्रतिष्ठित 'प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार' की चयन प्रक्रिया को लेकर महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) के समक्ष बड़ा खुलासा किया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए कोई निश्चित न्यूनतम अंक, स्कोर, रैंकिंग या चयन का कोई तय पैमाना नहीं है।

मंत्रालय के अनुसार, पुरस्कार के लिए प्राप्त योग्य नामांकनों का चयन किसी तय फॉर्मूले के बजाय पूरी तरह से 'समग्र मूल्यांकन' (होलिस्टिक असेसमेंट) और एक प्रतिस्पर्धी माहौल में बच्चों की असाधारण उपलब्धियों के आधार पर किया जाता है।

केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) ने पारदर्शिता पर जोर देते हुए मंत्रालय को निर्देश दिया है कि वह वर्ष 2023, 2024 और 2025 के दौरान मिले, शॉर्टलिस्ट किए गए और चुने गए नामांकनों के कुल आंकड़े चार सप्ताह के भीतर आवेदक को उपलब्ध कराए।

यह पूरा मामला एक आरटीआई आवेदन से जुड़ा है, जिसमें चयन प्रक्रिया, स्कोरिंग पद्धति और पिछले तीन वर्षों के आंकड़ों की मांग की गई थी। शुरुआत में मंत्रालय ने इन जानकारियों को गोपनीय बताते हुए देने से इनकार कर दिया था। हालांकि, सूचना आयुक्त पीआर रमेश ने स्पष्ट किया कि व्यक्तिगत विवरणों को छोड़कर कुल सांख्यिकीय आंकड़े सार्वजनिक किए जा सकते हैं।

CIC ने इस प्रसंग में सुप्रीम कोर्ट के एक पुराने फैसले का हवाला दिया और आवेदक द्वारा दायर चार नामांकनों की स्थिति पर स्पष्ट जवाब न मिलने पर नाखुशी जताई। इसने निर्देश दिया कि यदि कोई संवेदनशील जानकारी है, तो उसे आरटीआई अधिनियम की धारा 10 के तहत अलग करके बाकी तथ्यात्मक जानकारी निश्चित समय-सीमा के भीतर साझा की जाए।

यह फैसला उन नन्हें होनहारों के लिए पारदर्शिता की एक नई किरण लेकर आया है जो देश का नाम रोशन कर रहे हैं, जिससे यह साफ हो सके कि बाल शक्ति के इस अनमोल मंच पर चयन की प्रक्रिया निष्पक्ष और व्यापक मूल्यांकन पर टिकी है।

(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)