नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। गरीबों के सिर पर पक्की छत देने की योजना सबको घर के पहले चरण में 92 फ़ीसद मकान बना दिए गए हैं। वर्ष 2022 तक सबको पक्के मकान देने की योजना के समय से पूरा होने का अनुमान है। ग्रामीण विकास मंत्रालय का अनुमान है कि अमृत महोत्सव के पूरा होने के साथ ही गरीबों को पक्का मकान देने की प्रतीक्षा समाप्त हो जाएगी। चालू वित्त वर्ष 2021-22 में कुल 2.95 करोड़ आवास का निर्माण कर लिए जाएंगे। सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण-2011 में कुल 2.41 करोड़ गृह विहीन लोगों को चिन्हित किया गया था। इनमें से 92 फीसद यानी 1.92 करोड़ लोगों के मकान मंजूर कर लिए गए हैं, जबकि 71 फीसद लोगों को मकान की चाभी सौंप दी गई है। 

वर्ष 2020-21 में कुल 39 हजार करोड़ रुपये से अधिक की मंजूरी दी गई थी। इसमें राज्यों की भागीदारी को जोड़ दिया जाए तो कुल 46 हजार करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि जारी की गई। मंत्रालय के जारी आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2014-15 से लेकर अब तक विभिन्न आवासीय योजनाओं में कुल 2.10 करोड़ पक्के मकानों का आवंटन किया जा चुका है। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना (पीएमएवाइ) के चालू होने साथ पिछली सभी आवासीय योजनाओं की खामियों को समय से पूरा कर लिया गया। 

योजना के तहत सभी लाभार्थियों को उनके मकान के लिए मंजूर धनराशि को सीधे उसके बैंक खाते में जमा कराया जा रहा है। लाभार्थियों के चयन के लिए बनाए गए मानकों पर कुल 2.95 करोड़ में से केवल 2.14 करोड़ ही खरे पाए गए। पीएमएवाइ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए चालू वित्त वर्ष के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में मकान बनाने की योजना और तेज की जाएगी। निर्मित सभी मकानों में आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। इनमें शौचालय, जल जीवन मिशन के मार्फत पेयजल आपूर्ति के लिए नल का कनेक्शन, सौभाग्य योजना से बिजली का कनेक्शन और उज्ज्वला से रसोईगैस का कनेक्शन आदि उपलब्ध कराया जा रहा है।

पीएम ग्रामीण आवास योजना में मनरेगा समेत विभिन्न योजनाओं का सहयोग लिया जा रहा है, ताकि लाभार्थियों को अन्य मूलभूत जरूरतों के लिए भटकना न पड़े। मकान में लाभार्थी की जरूरत का पूरा ख्याल रखा जा रहा है। चालू वित्त वर्ष 2021-22 तक कुल 2.95 करोड़ मकान बना लिए जाएंगे।

 

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