नई दिल्ली, पीटीआइ/जेएनएन। सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल कर वाट्सएप को यह निर्देश देने की मांग की गई है कि वह हाल में जारी अपनी नई निजता नीति को वापस ले। याचिका के मुताबिक यह नीति कानूनों का उल्लंघन है और देश की सुरक्षा पर असर डाल सकती है। कंफेडरेशन आफ आल इंडिया ट्रेडर्स द्वारा दायर इस याचिका में केंद्र सरकार को यह निर्देश देने की मांग भी की गई है कि वह मामले में हस्तक्षेप करे और वाट्सएप इंक, फेसबुक इंक व फेसबुक इंडिया आनलाइन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड जैसी बड़ी तकनीक आधारित कंपनियों के नियमन के लिए दिशानिर्देश तय करे।

यह दी दलील

अधिवक्ता विवेक नारायण शर्मा के जरिये दाखिल याचिका के मुताबिक, यह याचिका दाखिल करना इसलिए जरूरी हो गया था क्योंकि केंद्र सरकार अपने संवैधानिक दायित्वों और देश के नागरिकों के निजता, बोलने की आजादी व अभिव्यक्ति के अधिकार की रक्षा करने की जिम्मेदारी निभाने में असफल रही।

वाट्सएप ने बदली नीति

वहींं भारत में अपने बाजार को खिसकता देख वाट्सएप ने यहां के लिए अपनी प्राइवेसी पॉलिसी को फिलहाल लागू करने से टाल दिया है। वह भारत के लिए लागू होने वाली प्राइवेसी पॉलिसी की समीक्षा भी कर रहा है। भारत में वाट्सएप की प्राइवेसी पॉलिसी आगामी आठ फरवरी से लागू होने जा रही थी, जिसे अब 15 मई से लागू किया जाएगा।

ग्राहकों के खाते नहीं होंगे सस्‍पेंड

वाट्सएप ने यह भी साफ किया है कि प्राइवेसी पॉलिसी को स्वीकार नहीं करने वाले ग्राहकों के खाते को बंद या निलंबित नहीं किया जाएगा। वाट्सएप अब अपनी प्राइवेसी पॉलिसी की समीक्षा के साथ उसको लेकर अपने ग्राहकों के साथ संवाद करेगा। फिर उसे लागू किया जाएगा। भारत में वाट्सएप के लगभग 40 करोड़ यूजर हैं।

यूजर का डाटा शेयर करने का आरोप

वाट्सएप पर फेसबुक के साथ अपने यूजर के डाटा शेयर करने का आरोप है, जिस कारण ग्राहक इसको छोड़ रहे हैं। कंपनी सूत्रों के मुताबिक वाट्सएप फेसबुक के साथ अपने ग्राहकों का सिर्फ बेसिक डाटा शेयर करता है और वर्ष 2016 से ऐसा किया जा रहा है। इस डाटा में सिर्फ उतनी ही जानकारी होती है, जितनी जानकारी कोई यूजर ओला या उबर एप को देता है।

यूजर्स के संवाद नहीं किए जाते शेयर

कंपनी का दावा है कि नई प्राइवेसी पॉलिसी के तहत भी यूजर्स के संवाद या उसके लोकेशन या किसी अन्य चीज की जानकारी फेसबुक या किसी अन्य से शेयर नहीं की जाएगी। कंपनी सूत्रों के मुताबिक जब कोई व्यक्ति मेक माइ ट्रिप से टिकट बुक कराता है तो उसे वाट्सएप के जरिये टिकट भेजा जाता है। यहां पर मेक माइ ट्रिप बिजनेस सíवस प्रोवाइडर के रूप में काम करता है।

वाट्सएप पर बिजनेस करेंगे लोग

आने वाले समय में फेसबुक भी बिजनेस सर्विस प्रोवाइडर के रूप में काम करना चाहता है। इसलिए फेसबुक के साथ भी यूजर्स के उतने ही डाटा शेयर होंगे, जितने कि मेक माइ ट्रिप के साथ अभी हो रहे हैं। सिर्फ यही नई चीज वाट्सएप की प्राइवेसी पॉलिसी में है। कंपनी का मानना है कि आने वाले दिनों में अधिक लोग वाट्सएप पर बिजनेस करेंगे। ऐसे में यूजर्स को यह पता रहना चाहिए कि इस काम में उनके डाटा का किस हद तक इस्तेमाल किया जाएगा।

डाउनलोडिंग में आई 35 फीसद की कमी

प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर विवाद के कारण पिछले आठ दिनों में भारत में वाट्सएप की डाउनलोडिंग में लगभग 35 फीसद की कमी आई है। संवाद के लिए वाट्सएप की तरह इस्तेमाल होने वाले टेलीग्राम और सिग्नल एप को पिछले 10 दिनों में 40 लाख नए ग्राहकों ने डाउनलोड किया है।

अभी ग्राहकों को मिलती हैं चार सुविधाएं

अभी वाट्सएप पर यूजर्स को चार सुविधाएं मिलती हैं। पहली सुविधा आपस में संवाद की है। दूसरी सुविधा यह है कि वाट्सएप स्मॉल बिजनेस के लिए एप के रूप में काम करता है। तीसरे प्लेटफार्म के रूप में वाट्सएप मेक माइ ट्रिप, टाटा स्काई या बुक माइ शो जैसे बड़े स्टार्टअप के लिए काम करता है। चौथे रूप में वाट्सएप पेमेंट एप के रूप में काम कर रहा है। 

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