नई दिल्ली, प्रेट्र। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को लोकसभा में कहा कि भारतीय रेलवे के निजीकरण का कोई प्रस्ताव नहीं है। हालांकि उन्होंने कहा कि रेलगाड़ियों के परिचालन के लिए निजी कंपनियों की भागीदारी समेत विभिन्न विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।

गोयल ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा, 'भारतीय रेल के निजीकरण का कोई प्रस्ताव नहीं है।' लेकिन यात्रियों को विश्र्वस्तरीय सेवाएं मुहैया कराने के लिए, भारतीय रेल द्वारा यात्री गाड़ियां चलाने के लिए निजी कंपनियों की भागीदारी समेत विभिन्न विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।

गोयल ने कहा कि निजी कंपनियों द्वारा परिचालन के लिए अभी तक किसी भी विशिष्ट यात्री गाड़ी की पहचान नहीं की गई है। बहरहाल सूत्रों के मुताबिक रेलवे ने नई दिल्ली-लखनऊ तेजस एक्सप्रेस को इस काम के लिहाज से चिह्नित किया है लेकिन इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

रेल राज्यमंत्री सुरेश अंगड़ी ने प्रीतम मुंडे के पूरक प्रश्न के उत्तर में सदन में बुधवार को कहा कि सरकार निजी कंपनियों द्वारा ट्रेनों के परिचालन पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि विचार चल रहा है कि निजी क्षेत्र के लोग इसमें निवेश के लिए आएं और ट्रायल आधार पर परिचालन शुरू करें।

अंगड़ी ने कहा कि इस संबंध में प्रक्रिया जारी है और अध्ययन चल रहा है। संभव हुआ तो निजी पक्ष द्वारा ट्रेनों का परिचालन कराया जाएगा। रेलवे स्टेशनों के उन्नयन के संबंध में एक पूरक प्रश्न के उत्तर में अंगड़ी ने कहा कि इस संबंध में सार्वजनिक निजी साझेदारी (पीपीपी) के तहत पहले से काम चल रहा है और स्टेशनों का उन्नयन एक सतत प्रक्रिया है।

Posted By: Sanjeev Tiwari

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