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भौतिक विज्ञानी अशोक सेन को मिला 2026 का ऑस्कर क्लेन मेडल, सम्मान पाने वाले पहले भारतीय

Published: Sat, 24 Oct 2026 03:37 PM (IST)

भारतीय भौतिक विज्ञानी अशोक सेन को 2026 का ऑस्कर क्लेन मेडल मिला है, जिससे वे यह सम्मान पाने वाले पहले भारतीय बन गए हैं।

भौतिक विज्ञानी अशोक सेन की तस्वीर (फाइल)

भौतिक विज्ञानी अशोक सेन की तस्वीर (फाइल)

HighLights

  1. अशोक सेन को 2026 का ऑस्कर क्लेन मेडल प्रदान किया गया।

  2. यह सम्मान पाने वाले वे पहले भारतीय भौतिक विज्ञानी बने।

  3. क्वांटम सिद्धांत और ब्लैक होल के शोध में योगदान के लिए मिला सम्मान।

डिजिटल डेस्क, बेंगलुरु। भारतीय भौतिक विज्ञानी अशोक सेन को 2026 के ऑस्कर क्लेन मेडल से सम्मानित किया गया है। वे यह सम्मान पाने वाले पहले भारतीय भौतिक विज्ञानी बन गए हैं।

अशोक सेन की खोज से क्वांटम सिद्धांत और ब्लैक होल के क्वांटम सिद्धांत से जुड़ी अनसुलझी पहेलियों को सुलझाने में मदद मिलती है। 

शोध के क्षेत्र को दी नई दिशा

पद्म श्री (2001) और पद्म भूषण (2013) से सम्मानित अशोक सेन ने कई महत्वपूर्ण सैद्धांतिक खोजों के जरिए शोध के क्षेत्र को नई दिशा दी है। इनमें 2012 का 'ब्रेकथ्रू प्राइज इन फंडामेंटल फिजिक्स' भी शामिल है। उनके काम ने इस विचार को स्थापित करने में मदद की कि सभी स्ट्रिंग थ्योरी असल में एक ही मूल सिद्धांत की अलग-अलग सीमाएं हैं।

आधुनिक 'स्ट्रिंग थ्योरी' के मुख्य रचनाकारों में से एक

अशोक सेन को आधुनिक 'स्ट्रिंग थ्योरी' (string theory) के मुख्य रचनाकारों में से एक माना जाता है। ये सिद्धांत बताता है कि पदार्थ के मूल घटक बिंदु जैसे कण नहीं, बल्कि एक-आयामी, धागे जैसी छोटी संरचनाएं हैं। इस तरह, यह पदार्थ और उनके बीच काम करने वाले बलों की एक एकीकृत व्याख्या पेश करने की कोशिश करता है।

1988 में शुरू हुई थी शुरुआत

1988 में शुरू किया गया यह मेडल स्वीडिश भौतिक विज्ञानी ऑस्कर क्लेन के नाम पर रखा गया है। इसे हर साल स्टॉकहोम यूनिवर्सिटी और रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज की नोबेल कमिटी फॉर फिजिक्स द्वारा प्रदान किया जाता है।

कई सिद्धांतों को समझने में मिली सहायता

सेन ने 22 अक्टूबर को स्टॉकहोम के अल्बानोवा यूनिवर्सिटी सेंटर में 'ग्रेविटी फ्रॉम स्ट्रिंग्स एंड स्ट्रिंग्स फ्रॉम ग्रेविटी' (Gravity from strings and strings from gravity) शीर्षक से व्याख्यान दिया। अपने व्याख्यान में उन्होंने बताया कि कैसे स्ट्रिंग थ्योरी, गुरुत्वाकर्षण (gravity) के एक सुसंगत क्वांटम सिद्धांत की ओर ले जाती है और ब्लैक होल के क्वांटम सिद्धांत से जुड़ी चीजों को समझने में सहायता करती है।

ऑस्कर क्लेन की स्मृति में, 'ऑस्कर क्लेन मेमोरियल लेक्चर्स' की आयोजन समिति हर साल एक प्रतिष्ठित शोधकर्ता को आमंत्रित करती है, जो एक स्मारक व्याख्यान देता है और क्लेन मेडल प्राप्त करता है। 

आईसीटीएस ने दी बधाई

ICTS के निदेशक राजेश गोपकुमार ने सेन को बधाई देते हुए कहा, "हम सभी की ओर से अशोक को बहुत-बहुत बधाई। हमारे साथ अशोक का होना और ICTS में उत्कृष्टता का एक मानक स्थापित करना, सच में बहुत शानदार रहा है।"