बैंक डेटा लीक के बाद नया संकट, हैकर्स के निशाने पर PHP सर्वर; आईटी मंत्रालय सतर्क
इलेक्ट्रॉनिक्स व आईटी मंत्रालय के अधीन सीईआरटी ने पीएचपी प्रोग्रामिंग भाषा में गड़बड़ी के कारण कंप्यूटर सिस्टम पर साइबर हमले की आशंका जताई है।

पीएचपी सर्वर पर साइबर हमले का खतरा

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। वेबसाइट बनाने और उसके संचालन के लिए इस्तेमाल होने वाले प्रोग्रामिंग लैंगुवेज पीएचपी के माध्यम से संस्थाओं के कंप्यूटर सिस्टम को हैक करने या उस पर साइबर हमले की आशंका जताई गई है। इलेक्ट्रानिक्स व आईटी मंत्रालय के अधीन काम करने वाली एजेंसी कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (सीईआरटी) ने पीएचपी में गड़बड़ी पाए जाने पर इस प्रकार के हमले की आशंका जाहिर की है।
सीईआरटी ने इससे बचने के लिए तत्काल पीएचपी इस्तेमाल करने वाले सिस्टम को अपडेट करने और दिक्कत होने पर सीईआरटी से संपर्क करने के लिए कहा है। बताया जा रहा है कि कनाडा व यूरोप के कुछ देशों ने तो पीएचपी के जरिए होने वाले साइबर हमले की आशंका से सरकारी सिस्टम को ऑफलाइन कर लिया है।
गत बुधवार को साइबर हमले के माध्यम से एसबीआइ के डाटा और डिजिटल सर्टिफिकेट सेवा से जुड़ी कंपनी ईमुद्रा के डाटा सार्वजनिक पाए गए।
ईमुद्रा के डाटा सार्वजनिक होने के मामले को इलेक्ट्रानिक्स व आईटी मंत्रालय ने गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच के लिए कमेटी गठित करने की घोषणा की है। सीईआरटी ने चेताया है कि साइबर हमला करने वाला पीएचपी पर दूरस्थ इलाके से हमला कर सकता है या उसे हैक कर सकता है और सर्वर को अपने नियंत्रण में ले सकता है।
जानकारों का कहना है कि 70 प्रतिशत इंटरनेट संचालन के लिए पीएचपी लैंगुवेज का इस्तेमाल होता है। अगर साइबर हमलावर सर्वर को अपने नियंत्रण में लेता है तो यह किसी भी सरकारी संस्था के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
जानकारों ने बताया कि जब कोई व्यक्ति किसी वेबसाइट पर जाता है, लाग इन करता है और कुछ सर्च करता है तो पीएचपी उसके सर्च को प्रोसेस करता है और उसके पास सही प्रोडक्ट भेजता है। अगर पीएचपी कमजोर होगा तो जानकारी गलत हो सकती है या जानकारी नहीं मिलेगी। सीईआरटी ने जो लक्ष्ण पाए हैं, उस देखते हुए हैकर्स पीएचपी को कमजोर कर सकता है।
