विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

हिंदू मुन्नानी नेता शशिकुमार हत्याकांड: PFI के चार कार्यकर्ताओं को उम्रकैद, NIA कोर्ट ने सुनाया फैसला

Published: Fri, 25 Sep 2026 11:09 PM (IST)

चेन्नई की विशेष एनआईए अदालत ने हिंदू मुन्नानी प्रवक्ता सी. शशिकुमार की हत्या के मामले में प्रतिबंधित संगठन पीएफआइ के चार कार्यकर्ताओं को उम्रकैद की सजा सुनाई है।

हिंदू मुन्नानी प्रवक्ता शशिकुमार की हत्या का मामला। (फाइल फोटो)

हिंदू मुन्नानी प्रवक्ता शशिकुमार की हत्या का मामला। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. पीएफआइ के चार कार्यकर्ताओं को उम्रकैद की सजा

  2. हिंदू मुन्नानी प्रवक्ता शशिकुमार की हत्या का मामला।

  3. प्रतिबंधित पीएफआइ के खिलाफ यह पहली सजा है।

डिजिटल डेस्क, चेन्नई। राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआईए मामलों के लिए विशेष अदालत, पूनमल्ली, चेन्नई ने गुरुवार को प्रतिबंधित संगठन पापुलर फ्रंट आफ इंडिया (पीएफआइ) के चार सक्रिय कार्यकर्ताओं को हिंदू मुन्नानी के प्रवक्ता सी. शशिकुमार की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई।

एनआईए की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, दोषी ठहराए गए व्यक्तियों (सद्दाम हुसैन, सुभैर, मुबारक और मोहम्मद रफीकुल हसन) को प्रत्येक को ₹30 हजार के जुर्माने के साथ उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।

यह फैसला पीएफआइ के कार्यकर्ताओं के खिलाफ एनआइए की पहली सजा है, जब से इस संगठन को भारत सरकार द्वारा आधिकारिक रूप से प्रतिबंधित किया गया है।

22 सितंबर, 2016 को कोयंबटूर में शशिकुमार की हत्या कर दी गई थी। यह लक्षित हत्या समाज के एक वर्ग में आतंक फैलाने और क्षेत्र में सांप्रदायिक विघटन भड़काने के स्पष्ट इरादे से की गई थी।

इस घटना ने कोयंबटूर शहर और कोयंबटूर ग्रामीण सहित छह जिलों में व्यापक हिंसा को जन्म दिया, जिसके परिणामस्वरूप राज्य प्राधिकरण द्वारा 300 से अधिक एफआइआर दर्ज की गईं।

विशेष अदालत ने एक सह-आरोपित अबू उर्फ सैयद अबुथगीर को बरी कर दिया। एनआइए वर्तमान में इस निर्णय की समीक्षा कर रही है और अपीलीय अदालत में बरी किए जाने के खिलाफ सभी उपलब्ध कानूनी विकल्पों का पता लगा रही है। (समाचार एजेंसी ANI के इनपुट के साथ)