यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 18, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
कल से पेट्रोल पंप पर भी मिलेगा कैश, जल्द किराना स्टोर भी बांटेगे पैसे
पेट्रोल पंपों के जरिये प्रति दिन प्रति कार्ड नकदी देने की सीमा भी इस सप्ताह के अंत तक 2000 रुपये से बढ़ाकर 2500 रुपये कर दी जाएगी।

नई दिल्ली, प्रेट्र। नोट बंदी के बाद नकदी के लिए भटक रहे लोगों को पेट्रोल पंपों पर भी नकदी मिलने लगी है। करीब 700 पेट्रोल पंपों पर डेबिट कार्ड स्वाइप मशीन के जरिये नकदी वितरण शुक्रवार को शुरू हो गया। जल्दी ही पड़ोस के किराना स्टोर पर माइक्रो एटीएम से भी नकदी मिलने लगेगी।
पेट्रोल पंपों के जरिये प्रति दिन प्रति कार्ड नकदी देने की सीमा भी इस सप्ताह के अंत तक 2000 रुपये से बढ़ाकर 2500 रुपये कर दी जाएगी। देश भर में मौजूदा 20,000 पंपों के जरिये नकदी उपलब्ध कराई जाएगी। बैंकों और एटीएम में नकदी के लिए लंबी लाइनों से परेशान लोगों को राहत देने के लिए सरकार ने गुरुवार को पेट्रोल पंपों के जरिये नकदी वितरण का फैसला किया था। अभी ऐसे चुनिंदा पेट्रोल पंपों पर नोट वितरण की व्यवस्था की गई है जहां भारतीय स्टेट बैंक की स्वाइप मशीन (पीओएस मशीन) लगी है। वैसे इन मशीनों के जरिये पेट्रोल पंप और डेबिट और क्रेडिट कार्ड से भुगतान स्वीकार करते हैं। पेट्रोल पंपों पर 24 नवंबर तक 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट भी स्वीकार करने की अनुमति है।
सरकार के बयान के अनुसार शुक्रवार शाम चार बजे तक 686 पंपों पर नकदी वितरण शुरू हो गया। इनमें से इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के 350, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन के 266 और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन के 70 पंपों पर यह सुविधा शुरू की गई है।
माइक्रो एटीएम से मिलेंगे नोट
डिजिटल पेमेंट्स सोल्यूशंस कंपनी ऑक्सीजेन सर्विसेज स्वाइप मशीनों यानी (पीओएस) मशीनों को माइक्रो एटीएम में तब्दील करेगी ताकि ग्राहकों को नकदी का वितरण आसानी से किया जा सके। कंपनी के चेयरमैन व मैनेजिंग डायरेक्टर प्रमोद सक्सेना ने बताया कि स्वाइप मशीनों को पेमेंट ट्रांजेक्शन डिवाइस में तब्दील किा जाएगा। पूरे देश में गांव और शहरों की किराना दुकानों और रिटेल स्टोर पर ये मशीनें लगाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि हमारे नेटवर्क में 60,000 स्टोरों पर पीओएस टर्मिनल लगे हैं। लेकिन ये माइक्रो एटीएम के तौर पर काम नहीं करते हैं। हमने इन्हें माइक्रो एटीएम के रूप में अपग्रेड करने का काम शुरू कर दिया है।
सक्सेना के अनुसार हमने दिसंबर के अंत तक 2000 माइक्रो एटीएम लगाने की योजना बनाई है। इसके बाद हर महीने 3000-5000 माइक्रो एटीएम लगाये जाएंगे। अगले तीन साल में पूरे देश में दस साल माइक्रो एटीएम लगाने की योजना है। इन मशीनों के जरिये लोग आसानी से आधार कार्ड दिखाकर पैसा जमा कर सकेंगे और निकाल सकेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि बैंकों और एटीएम में नकदी निकालने के लिए लगी भीड़ छंटने के बाद लोग डिजिटल ट्रंाजेक्शन पसंद करेंगे।
