नई दिल्ली। बांबे हाइकोर्ट में एक याचिका दायर कर इंद्राणी मुखर्जी और उसकी कंपनियों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय द्वारा जांच करवाने की मांग की गई है। यह याचिका एक सूचना अधिकार कार्यकर्ता ने दाखिल किया है।

गौरतलब है कि मुंबई पुलिस ने पिछले महीने 9 सितम्बर को शीना बोरा हत्याकांड में आर्थिक पहलू की जांच के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से अपील की थी। हत्या की मुख्य आरोपी इंद्राणी और उसके पति पीटर मुखर्जी के व्यापारिक गठजोड़ों और वित्तीय लेन-देन की जांच की जानी है।

प्रवर्तन निदेशालय को इस सिलसिले में पुलिस महकमे की ओर से पत्र मिलने के बाद इस मामले के अध्ययन के लिए प्रवर्तन निदेशालय ने अपने अधिकारियों की एक टीम बना दी है। यह टीम पुलिस की ओर से मुहैया कराए गए दस्तावेजों का अध्ययन कर रही है। प्रवर्तन निदेशालय दो कानूनों के तहत काम करता है। पहला- प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) और दूसरा- फारेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (फेमा)। जांच एजेंसी इन दोनों आधार पर शीना मामले का अध्ययन करेगी। अगर जरूरत हुई तो मुंबई पुलिस के साथ-साथ इस हाई प्रोफाइल सनसनीखेज हत्याकांड के आर्थिक पहलू की जांच प्रवर्तन निदेशालय शुरू कर सकता है।

उल्लेखनीय है कि तीन साल पहले 24 अप्रैल 2012 को शीना बोरा की हत्या उसकी ही मां इंद्राणी मुखर्जी ने अपने पूर्व पति संजीव खन्ना और ड्राइवर श्याम राय के साथ मिलकर कर दी थी। इन तीनों ने शीना के शव को अगले ही दिन महाराष्ट्र के रायगढ़ के जंगल में जलाकर गाड़ दिया था।

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Posted By: Shashi Bhushan Kumar