जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। भाजपा नेता एवं सांसद मनोज तिवारी की दिवाली और छठ पर पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध के विरुद्ध याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 10 अक्टूबर को सुनवाई करेगा। तिवारी की याचिका में शीर्ष कोर्ट से मान्य पटाखों को चलाने और बिक्री की इजाजत दिए जाने की मांग की गई है। शुक्रवार को तिवारी के वकील शशांक शेखर झा ने प्रधान न्यायाधीश यूयू ललित, जस्टिस इंदिरा बनर्जी और जस्टिस एस. रविन्द्र भट की पीठ के समक्ष याचिका का जिक्र करते हुए मामले पर शीघ्र सुनवाई का अनुरोध किया।

जल्द सुनवाई की अपील

उन्होंने कहा कि त्योहार आने वाले हैं, कोर्ट याचिका पर जल्द सुनवाई कर ले। इस पर कोर्ट ने कहा कि मामले पर 10 अक्टूबर को सुनवाई की जाएगी। याचिका में केंद्र सरकार और सभी राज्यों को पक्षकार बनाया गया है। इसमें कहा गया है कि यह मामला आम जनता से जुड़ा हुआ है जिसे दिवाली के त्योहार पर प्रताडि़त किया जा रहा है।

दिवाली महत्‍वपूर्ण पर्व 

दिवाली हिंदुओं के सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से है। 2021 में जब कुछ राज्यों ने पटाखों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था तो कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया था कि उसने पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाया है, मान्य श्रेणी के पटाखों की इजाजत है। इसके बावजूद 2022 में दिल्ली सरकार ने फिर से पटाखों के भंडारण, बिक्री और उन्हें चलाने पर तत्काल प्रभाव से पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।

जारी किए जाएं नए दिशा-निर्देश

यह प्रतिबंध एक जनवरी, 2023 तक जारी रहेगा। याचिका में मांग है कि याचिका में प्रतिपक्षी बनाए गए सभी राज्यों को निर्देश दिया जाए कि वे मान्य पटाखों की बिक्री और चलाने के बारे में नए दिशा-निर्देश जारी करें। यह भी निर्देश दिया जाए कि मान्य श्रेणी के पटाखे बेचने और चलाने पर किसी के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। राज्यों को निर्देश दिया जाए कि वे प्रदूषण रोकने के लिए कदम उठाएं जिसमें स्माग टावर लगाना और पौधारोपण अभियान शामिल हो।  

यह भी पढ़ें- दिल्ली में 1 जनवरी 2023 तक पटाखों पर बैन, बेचा या फिर फोड़ा तो हो सकती है जेल; DPCC ने जारी किया आदेश

Edited By: Krishna Bihari Singh

जागरण फॉलो करें और रहे हर खबर से अपडेट