मुंबई। मीडिया जगत की नामचीन हस्ती रह चुके पीटर मुखर्जी सौतेली बेटी शीना बोरा के अप्रैल 2012 में गायब हो जाने के तीन माह बाद अपने बेटे राहुल को लेकर चिंतित थे। उन्हें लग रहा था कि राहुल के मन में उनपर और इंद्राणी पर शीना को गायब करने का संदेह है। पीटर चाहते थे कि राहुल शीना को भूल खुद पर ध्यान दे।

पीटर ने 23 जुलाई 2012 को अपने एक दोस्त को मेल में लिखा था, 'राहुल 30 वर्ष का है और उसे अपनी जिंदगी के बारे में कुछ सोचना चाहिए न कि बेकार के पीछे झूलता फिरे।' आरोप पत्र में शामिल इस मेल में यह भी लिखा है कि जब से राहुल को बिना कुछ बताए शीना चली गई है तब से वह (राहुल) उनसे (पीटर) बात नहीं कर रहा है। शीना हर किसी को राज खोलने का गंदा काम करने और सदमा झेलने के लिए छोड़ गई है।

मामले में आरोपी बनाए जा चुके पीटर ने यह भी लिखा था कि शीना के गायब होने से एक दो दिनों पहले तक उन्हें उसकी योजना की भनक नहीं थी। उन्होंने लिखा है, 'राहुल के मन में यह गहरा संदेह है कि मैंने अपनी पत्नी इंद्राणी और शीना के साथ मिलकर ऐसा करने की साजिश रची थी।'

मेल में पीटर ने इस बात पर उम्मीद जताई थी कि शीना की स्थिति से राहुल उबर जाएगा और आगे बढ़ने का फैसला लेगा। उन्हें यह भी अनुमान था कि राहुल की अकल काम करने लगेगी। वह इस बात को महसूस कर लेगा कि कोई भी महिला सदा के लिए उसके साथ टिकी नहीं रहेगी, क्योंकि वह अपनी जिंदगी के लिए कुछ भी तो नहीं कर रहा है।

Posted By: Sanjeev Tiwari

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