बेंगलुरू, जेएनएन। आईटी सिटी कहे जानेवाले बेंगलुरू एक बार फिर शातिर गैंग लगातार लोगों को पुराने तरीकों से अपना शिकार बना रहा है। इनके निशाने पर वो लोग होते हैं जो अपने दफ्तर से घर लौट रहे होतें है या फिर पैदल चलनेवाले या देर रात को घर लौटनेवाले होते हैं। यह गैंग झूठ का चोला पहनकर लोगों को उनके घर छोड़ने के लिए कैब शेयर या साथी सवारी बनकर या फिर उन लोगों को निशाना बनाते हैं जो सड़क पर अकेले चल रहे होते हैं।

गैंग की तरफ से इस तरह की वारदात को अंजाम देना साल 2010 से लेकर 2013 के बीच बड़ी सामान्य बात थी और रोज इस तरह के मामले दर्ज कराए जाते थे। इसमें अपराधी चार पहिया के जरिए लोगों को अपना शिकार बनाते थे या फिर निर्दोष लोगों पर सीधा हमला करते थे। उस वक्त ये मामले सबसे ज्यादा बेल्लारी रोड, तुमकुरू रोड, होसुरू रोड, जेपी नगर और उसके आसपास के इलाकों में होते थे।

लेकिन, साल 2013 के बाद ऐसे अपराध में तेज़ी से गिरावट दर्ज हुई क्योंकि पुलिस ने इस दौरान सुरक्षा को लेकर जागरुकता की मुहिम चलायी। इसमें कहा गया कि वह लोग जो अनजान शख्स के साथ अक्सर शेयरिंग में कैब में सफर करते हैं या फिर अन्य किसी प्राइवेट गाड़ी में बैठते हैं तो वह ऐसा करने से बचें।

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इस गैंग के जो लोग सबसे ज्यादा शिकार होते हैं वो लोग हैं- इंजीनियर, बीपीओ या कॉल सेंटरकर्मी या फिर व्यवसायी जो देर रात काम से उस वक्त अपने घर लौट रहे होते हैं जब सार्वजनिक गाड़ियां सड़कों पर अमूमन नहीं चलती है।

एडिशनल कमिश्नर, (ईस्ट) हेमंत निमाल्कर ने कहा, “हाल के दिनों में जो केस दर्ज किए गए हैं उससे इस बात का पता चलता है कि लोग अपने निजी वाहन से घर छोड़ने की बात कहकर सामनेवाले को अपनी गाड़ी में बिठाते हैं। खासकर, रात के समय और उसके बाद उन्हें अपनी लूट का शिकार बनाते हैं। हमने लोगों को इस बात की सलाह दी है कि वह ऐसी गाड़ियों में किसी भी सूरत में ना बैठें।”

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