यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 23, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
जाकिर नाइक से दान पाने वाले ईडी के रडार पर
ईडी के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, इन आठ संदिग्ध संस्थाओं के संदिग्ध लेनदेन की जांच करेंगे। ये सभी संस्थाएं धर्म एवं शिक्षण से जुड़ी हैं।'

विजय कुमार यादव (मिडडे), मुंबई । 200 करोड़ रुपये की मनी लॉन्डि्रंग के मामले में जाकिर नाइक के खिलाफ चल रही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में नई बात सामने आई है। ईडी के मुताबिक, नाइक ने न केवल चंदा लेकर लोगों का काला धन सफेद किया, बल्कि अपने काले धन को भी सफेद करने के लिए आठ संदिग्ध संस्थाओं में दान दिया।
इस बीच, प्रवर्तन निदेशालय ने जाकिर नाइक की बहन नौशाद नूरानी को भी तलब किया है। नूरानी संदिग्ध लेन-देन करने वाली कंपनियों में अतिरिक्त निदेशक है।
ईडी के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, इन आठ संदिग्ध संस्थाओं के संदिग्ध लेनदेन की जांच करेंगे। ये सभी संस्थाएं धर्म एवं शिक्षण से जुड़ी हैं।' ईडी जाकिर नाइक की संस्था इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन (आइआरएफ) के 200 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन-देन की जांच कर रहा है। ये आठ संगठन ईडी के रडार पर उस समय आए जब मामले के आरोपियों ने दावा कि उन्हें आइआरएफ से बतौर दान पैसे मिले हैं। जांच अधिकारी इस बात से अचंभित रह गए कि आखिर दान में मिला पैसा आइआरएफ ने फिर आठ संस्थाओं को दान में क्यों दे दिया। बड़ी बात यह कि आठों संस्थाएं नाइक से संबंधित कंपनियों से जुड़ी हैं।
ईडी का मानना है कि यह दान काले धन को खपाने के लिए दिया गया। नाइक के प्रबंधक आमिर गजदर से पूछताछ में ईडी को इन संस्थाओं के बारे में जानकारी मिली थी। मार्बल कॉन्ट्रेक्टर आमिर को ईडी ने 16 फरवरी को गिरफ्तार किया था। उसे 6 मार्च तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
