जनता करेगी अवैध प्रवासियों की पहचान, अस्वाभाविक जनसांख्यिकीय बदलाव दिखे तो लोग पोर्टल पर दें जानकारी
जनसांख्यिकीय बदलावों पर उच्चस्तरीय समिति ने बुधवार को शुरू किए गए पोर्टल के जरिए लोगों, राज्य तथा केंद्र सरकार के ...और पढ़ें

अस्वाभाविक जनसांख्यिकीय बदलाव दिखे तो लोग पोर्टल पर दें जानकारी (सांकेतिक तस्वीर)
HighLights
इससे अवैध प्रवासियों की पहचान कर उन्हें हिरासत में लेने और निर्वासित करने में मिलेगी मदद
उच्च स्तरीय समिति के अध्यक्ष नाओलेकर ने डिजिटल वेब पोर्टल लांच किया
पीटीआई, नई दिल्ली। जनसांख्यिकीय बदलावों पर उच्चस्तरीय समिति ने बुधवार को शुरू किए गए पोर्टल के जरिए लोगों, राज्य तथा केंद्र सरकार के विभागों से अस्वाभाविक जनसांख्यिकीय बदलावों के बारे में जानकारी मांगी है।
इस जानकारी का इस्तेमाल देश में रह रहे अवैध प्रवासियों की पहचान करने, उन्हें हिरासत में लेने और निर्वासित करने के लिए एक व्यवस्था विकसित करने में किया जाएगा।
समिति के अध्यक्ष रिटायर्ड जस्टिस प्रकाश प्रभाकर नाओलेकर ने संबंधित पक्षों से सुझाव प्राप्त करने और आंकड़ों के आदान-प्रदान के लिए समर्पित डिजिटल वेब पोर्टल demography.mha.gov.in की शुरुआत की।
सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया- " यह पोर्टल केंद्र सरकार के मंत्रालयों और विभागों, राज्य एवं केंद्र-शासित प्रदेशों की सरकारों, गैर-सरकारी संगठनों, संस्थानों तथा लोगों को अस्वाभाविक जनसांख्यिकीय बदलावों, उनके कारणों और इनके पीछे मौजूद कारकों, असामान्य बसावट के तौर-तरीकों आदि के बारे में सुझाव, आंकड़े और जानकारी देने की सुविधा प्रदान करता है।"
इसमें आगे कहा गया कि प्राप्त जानकारी से समिति को जनसांख्यिकीय बदलावों के कारणों का विश्लेषण करने और उनकी पहचान करने में मदद मिलेगी।
समिति ने आठ बिंदुओं वाली एक प्रश्नावली भी पोर्टल पर उपलब्ध कराई है, जिसके माध्यम से अस्वाभाविक जनसांख्यिकीय बदलाव से संबंधित जानकारी और दस्तावेज उपलब्ध कराए जा सकते हैं।
पोर्टल पर पिछले 15 वर्षों में हुए प्रमुख जनसांख्यिकीय बदलावों, उनके मुख्य कारणों, इन बदलावों के प्रभाव, चुनौतियों, सिफारिशों और सुझावों आदि के बारे में संबंधित दस्तावेजों के साथ जवाब दिया जा सकता है।
