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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 25, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

देश में 26,126 ग्रामीण बस्तियों के लोग दूषित पानी पीने के लिए हैं मजबूर, सरकार ने संसद में जारी किए आंकड़े

By Piyush KumarEdited By:
Published: Mon, 25 Jul 2022 05:46 PM (IST)

राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में जल शक्ति राज्य मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने आंकड़ों का हवाला देते हुए ...और पढ़ें

देशभर में 26,126 ग्रामीण बस्तियां में पेयजल स्रोत दूषित हैं।(फाइल फोटो)
देशभर में 26,126 ग्रामीण बस्तियां में पेयजल स्रोत दूषित हैं।(फाइल फोटो)

दिल्ली, एजेंसी। भारत में शुद्ध पेयजल की संकट बढ़ती जा रही है। शहरी और ग्रामीण, दोनों इलाकों में शुद्ध पानी मिलना काफी मुश्किल है। ग्रामीण बस्तियों में पीने लायक पानी मुहय्या कर पाना सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुकी है। इस बीच जल शक्ति मंत्रालय ने सोमवार को राज्यसभा में कहा कि 26,126 ग्रामीण बस्तियां में लोग दूषित पानी पीने के लिए मजबूर हैं। 

जल शक्ति राज्य मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने दी जानकारी

राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में जल शक्ति राज्य मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि इस साल 1 अप्रैल तक 26,279 ग्रामीण बस्तियों में लोग दूषित पानी पीने पर मजबूर हैं। आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले साल 1 अप्रैल से लेकर 1 अप्रैल 2020 तक बस्तियों की यह संख्या 36,054 थी।

उन्होंने बताया कि 20 जुलाई 2022 तक देश के 26,126 ग्रामीण बस्तियां में लोगों को दूषित जल मिल रही है। एक अन्य सवाल के जवाब में, जल शक्ति राज्य मंत्री बिश्वेश्वर टुडू ने कहा कि देश के 26 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 408 जिलों के कुछ इलाकों में पानी में फ्लोराइड की मात्रा काफी अधिक है।