रायपुर,एजेंसी। छत्तीसगढ़ में आए दिन नक्सली जवानों को अपना निशाना बनाते रहते है। शुक्रवार को छत्तीसगढ़ के बीजापुर में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ के दौरान तीन जवान शहीद हो गए। इस मुठभेड़ में कर्नाटक के CRPF ASI महादेव पाटिल भी शहीद हुए हैं। शनिवार को उनके आवास पर लोग इकट्ठा होने लगे। नम आंखों से अपने पिता को याद करता हुए उनके बेटे ने कहा कि मैंने घटना से ठीक एक दिन पहले मैंने आखिरी बार पापा से बात की थी। उन्होंने कहा था कि वह जल्द ही घर आने वाले है। दरअसल, घर पर एक समारोह था जिसमें शामिल होने के लिए महादेव पाटिल ने 10 दिन की छुट्टी ली थी। बेटे ने कहा कि पापा घर आने वाले थे, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। 

गौरतलब, है कि शुक्रवार को छत्‍तीसगढ़ के सुरक्षाबलों व नक्‍सलियों के बीच मुठभेड़ की दो अलग-अलग घटनाएं बीजापुर व राजनंदगांव में हुई। इस दौरान तीन जवान शहीद हो गए। वहीं वहीं, क्रॉस फायरिंग में एक स्कूली छात्रा के मारे जाने की भी खबर है। शहीद हुए सीआरपीएफ के जवानों को शनिवार को अंतिम सलामी दी गई। पीटीएस माना के मैदान में जवानों को नम आंखों के साथ विदाई दी गई। इस दौरान राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, डीजीपी डीएम अवस्थी सहित पुलिस विभाग के आला अधिकारी मौजूद रहे। सभी शहीदों के शव उनके गृहग्राम के लिए रवाना कर दिए गए थे। 

बीजापुर के भैरमगढ़ थाना क्षेत्र के केशकुतूल में शुक्रवार की सुबह एरिया डोमिनेशन पर निकले सीआरपीएफ की 199वीं बटालियन के जवानों पर घात लगाकर बैठे नक्सलियों ने हमला कर दिया था। इस हमले में शहीद जवान प्रधान आरक्षक सजु ओपी केरल के इडुक्की जिले के वेल्लायमकुड़ी, सहायक निरीक्षक महादेव पाटिल कर्नाटक के गुलबर्गा जिले के मरगुत्ती और सहायक निरीक्षक मदन पाल सिंह उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के लखनु गांव के रहने वाले थे।

Posted By: Ayushi Tyagi

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