जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। पाकिस्तान के साथ सीमा तनाव के बीच बीते सप्ताह भारत और चीन के सैनिकों का आमना-सामना भी हुआ था, लेकिन यह खत्म हुआ रसगुल्ले व बीयर के आदान-प्रदान के साथ।

वास्तविक नियंत्रण रेखा पर दोनों पक्षों ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत रुखसती भी ली। सैन्य सूत्रों के मुताबिक, चीन के सैनिकों का एक गश्ती दल पूर्वी सिक्किम के तंगकार ला र्दे के उस इलाके में दाखिल हुआ जिस पर भारत अपना दावा करता है।

करीब 16 हजार फीट की ऊंचाई पर एक भारतीय पोस्ट के नजदीक के इस क्षेत्र में चीनी सैनिकों का गश्ती दल दो वाहनों में आया था, जिसमें एक लेफ्टिनेंट की अगुआई में नौ सैनिक थे। सूत्रों के मुताबिक दोनों पक्षों ने शांतिपूर्ण तरीके से निर्धारित बैनर डिल का पालन किया। लौटते वक्त चीनी सेना के गश्ती दल ने भारतीय सैनिकों को बीयर भेंट में दी। बदले में भारतीय सैनिकों ने उन्हें रसगुल्ले का पैक तोहफे में दिया। हालांकि, यह पहला मौका नहीं है जब गश्त के दौरान दोनों पक्षों के बीच इस तरह का आदान-प्रदान हुआ है।

चुमार में भारतीय हद में दाखिल हुए चीनी सैनिकों ने भी भारत के गश्ती दल से खाने की मांग की थी। भारतीय गश्ती दल ने चीनी सैनिकों को जूस दिया था। भारत और चीन के बीच साढ़े चार हजार किमी से लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा है। अनिर्धारित सीमा के कारण दोनों देशों के सैनिक दल अपनी धारणा के अनुसार गश्त करते हैं। ऐसे में कई बार वे आमने-सामने होते हैं। गश्ती दलों का आमना-सामना होने पर तनाव टालने के लिए दोनों देशों ने 2005 में बैनर डिल का तरीका निकाला था। इसके अनुसार आमने-सामने पड़ने पर दोनों दल एक-दूसरे को बैनर दिखाएंगे और वापस पलट जाएंगे। वैसे अप्रैल में इसका अपवाद उस वक्त सामने आया जब लद्दाख के दिपसांग क्षेत्र में चीन के सैनिक तंबू गाड़कर जम गए थे। इससे बने गतिरोध को तोड़ने में तीन हफ्ते लगे थे। सीमा पर तनाव घटाने के लिए दोनों देश नए रक्षा सहयोग समझौते पर भी बात कर रहे हैं।

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