मुंबई [ओमप्रकाश तिवारी]। केंद्रीय कृषिमंत्री शरद पवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चह्वाण का फाइलें अटका कर रखना बिल्कुल नहीं भा रहा है। मंगलवार को उन्होंने अपनी नाराजगी यह कहते हुए सार्वजनिक कर दी कि फाइलों पर दस्तखत करते हुए सरकार के हाथ कांपने लगते हैं, क्या सरकार के हाथ में लकवा मार गया है?

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मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चह्वाण पर फाइलें रोककर रखने के आरोप पहले भी लगते रहे हैं। मंगलवार को पुणे में पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख को याद करने के बहाने शरद पवार वर्तमान मुख्यमंत्री चह्वाण पर व्यंग बाण छोड़ने में नहीं चूके। स्वर्गीय देशमुख पर मराठी में लिखी गई पुस्तक आठवणीतले विलासराव का लोकार्पण करते हुए पवार ने कहा कि देशमुख लोगों की दिक्कतें समझते हुए अपने पास आई फाइलें एक सेकेंड में निपटा दिया करते थे। अब तो दो-तीन महीने तक फाइलें अटकी पड़ी रहती हैं। पवार यहीं नहीं रुके। मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चह्वाण को परोक्ष नसीहत देते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का अर्थ केवल मुख्यमंत्री नहीं होता। बल्कि हर स्तर व हर विभाग में राज्य की चहुंमुखी प्रगति कैसे हो एवं राज्य की छवि देश में एक सुसंस्कृत राज्य के रूप में बने यह सोचना भी उसका कर्तव्य होता है।

पवार की इन शिकायतों पर पृथ्वीराज चह्वाण ने यह कहकर कन्नी काटने की कोशिश की है कि वह समय आने पर सारे आरोपों का जवाब देंगे।

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