नई दिल्‍ली, एएनआइ। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख हाफिज सईद और सैयद सलाहुद्दीन सहित 12 आरोपियों के खिलाफ आतंकी फंडिंग मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) द्वारा दायर चार्जशीट पर संज्ञान लिया है। न्यायालय ने आरोपों पर तर्क और दस्तावेजों की छानबीन के लिए 8 मार्च की तारीख तय की है।

जम्मू कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए कथित रूप से फंडिंग करने के मामले में नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआइए) ने पटियाला हाउस कोर्ट में 12 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर की है। एनआइए ने अदालत में 1,279 पृष्ठों की चार्जशीट दायर थी।

एनआइए अधिकारियों ने बताया था कि जांच के दौरान उन्होंने पर्याप्त सामग्री और तकनीकी सबूत इकट्ठा किए। उन्होंने कहा कि 60 स्थानों पर छापे मारे गए और 950 दस्तावेजों को जब्त कर लिया गया। इस केस में 300 गवाह हैं। एनआइए ने टेरर फंडिंग मामले में कट्टरपंथी अलगाववादी सैयद अली शाह गिलानी के दामाद अल्ताफ अहमद शाह उर्फ अल्ताफ फंटूश, मीरवाइज उमर फारूक के नेतृत्व वाले हुर्रियत कांफ्रेंस के नरमपंथी धड़े के प्रवक्ता शाहिद उल इस्लाम, हुर्रियत के गिलानी नीत धड़े के प्रवक्ता अयाज अकबर और अलगाववादियों नईम खान, बशीर भट उर्फ पीर सैफुल्लाह और राजा मेहराजुद्दीन कलावल को गिरफ्तार किया था।

इस मामले में एएनआइ ने मशहूर बिजनेसमैन जहूर अहमद वताली को भी गिरफ्तार किया था। वताली पर हिज्बुल मुजाहिद्दीन के आतंकवादी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद हुई हिंसा के दौरान केस दर्ज किया गया था। पूर्व जेकेएलएफ के आतंकवादी बिट्टा कराटे, फोटो पत्रकार कामरान यूसुफ और जावेद अहमद भट्ट के नाम भी आरोप पत्र में शामिल हैं।

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