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'सीसीआई सख्ती से दंड निर्धारण दिशा-निर्देशों को लागू करे', संसदीय समिति ने की सिफारिश

Published: Sun, 26 Jul 2026 08:46 PM (IST)

संसदीय समिति ने प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) से दंड निर्धारण दिशा-निर्देशों को सख्ती से लागू करने की सिफारिश की है ताकि ...और पढ़ें

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रतिस्पर्धा कानून के उल्लंघनों को व्यापार करने की एक साधारण लागत के रूप में आत्मसात होने से रोकने के लिए प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) को दंड निर्धारण दिशा-निर्देशों को सख्ती से लागू करना चाहिए।

राज्यसभा की अधीनस्थ विधायी समिति ने कहा कि ये दिशानिर्देश दंड लगाने के समय बार-बार प्रतिस्पर्धा कानून के उल्लंघनों को एक बढ़ाने वाले कारक के रूप में शामिल करते हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ऐसे अपराध भविष्य में नहीं हों।

संसदीय समिति की यह सिफारिश इस सप्ताह संसद में मिलिंद मुरली देवड़ा की अध्यक्षता में पेश की गई रिपोर्ट का हिस्सा है, जो प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) पर आधारित है। रिपोर्ट में समिति ने कहा कि सख्त एंटीट्रस्ट प्रवर्तन यह सुनिश्चित करने के लिए अनिवार्य है कि कमजोर वर्ग को अनुचित या प्रतिस्पर्धा-विरोधी व्यवहार से और अधिक नुकसान नहीं हो।

छोटे व्यवसाय, एमएसएमई, स्टार्टअप आदि को प्रतिस्पर्धात्मक कानूनों के स्थिर और सख्त प्रवर्तन पर निर्भर रहना चाहिए ताकि उनकी प्रतिस्पर्धा की क्षमता सुरक्षित रहे। ध्यान रहे कि निगरानी संस्था प्रतिस्पर्धा आयोग विभिन्न क्षेत्रों में अनुचित व्यापार प्रथाओं को रोकने और उचित प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के लिए अधिकृत है।

समिति ने कहा, "ऐसे बार-बार उल्लंघन 'व्यापार करने की साधारण लागत' के रूप में आत्मसात होने का जोखिम उठाते हैं। इससे कानूनों के निवारक प्रभाव को कमजोर किया जा सकता है।" समिति ने सीसीआई के प्रतिबद्धता, निपटान, कारोबार या आय के निर्धारण और दंड निर्धारण दिशा-निर्देशों पर नियमों की समीक्षा की।

समिति की एक और सिफारिश यह है कि कारर्पोरेट मामलों के मंत्रालय और सीसीआई को प्रतिस्पर्धा कानून ढांचे की संपूर्ण संरचना की समय-समय पर समीक्षा करनी चाहिए।

अपने मामलों को उठाने से बच रहा सीसीआई

प्रतिस्पर्धा आयोग अपने मामलों को तब तक उठाने से बच रहा है जब तक कि कोई आगे आने के लिए इच्छुक न हो, क्योंकि ऐसे मामलों को स्थापित करने और निर्णय देने में हितों का टकराव होता है।

राज्यसभा की अधीनस्थ विधायी समिति ने प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के विभिन्न नियमों और दिशा-निर्देशों की समीक्षा करते हुए स्वयं के मामलों में कमी के मुद्दे को उठाया। समिति की बैठक में सीसीआई की अध्यक्ष रवींद्र कौर ने सदस्यों को बताया कि प्रारंभिक वर्षों में स्वयं के मामले अधिक सामान्य थे।

(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)