क्रिप्टो से AI तक... वित्त पर संसदीय समिति करेगी 46 अन्य महत्वपूर्ण विषयों की जांच
संसद की वित्त संबंधी स्थायी समिति ने मौजूदा वित्त वर्ष में एआई, क्रिप्टो और मुद्रा प्रबंधन सहित 46 विषयों की विस्तृत जांच करने का निर्णय लिया है।

भाजपा सांसद भर्तृहरि महताब।
HighLights
वित्त समिति एआई, क्रिप्टो, मुद्रा प्रबंधन सहित 46 विषय जांचेगी।
भर्तृहरि महताब की अध्यक्षता में समिति का पुनर्गठन हुआ।
एमपीएलएडीएस समिति आवंटन वृद्धि, कार्य निगरानी पर ध्यान देगी।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। वित्त पर संसद की स्थायी समिति ने मौजूदा वित्त वर्ष में विस्तृत जांच और रिपोर्ट तैयार करने के लिए 46 विषयों का चयन किया है। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), मुद्रा प्रबंधन और वर्चुअल डिजिटल असेट्स (परिसंपत्तियों) का अध्ययन शामिल है। हाल ही में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विभिन्न मंत्रालयों से जुड़ी संसदीय समितियों का पुनर्गठन किया था।
भाजपा सांसद भर्तृहरि महताब को समिति का अध्यक्ष फिर से नियुक्त किया गया है। समिति में लोकसभा के 21 और राज्यसभा के 10 सदस्य हैं। लोकसभा बुलेटिन के अनुसार, समिति ने वित्त मंत्रालय, कारपोरेट कार्य मंत्रालय, नीति आयोग और सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय से जुड़े 46 विषयों को विस्तृत जांच और रिपोर्ट के लिए चुना है।
समिति ने मौजूदा आर्थिक परिदृश्य से जुड़े विषय चुने है। इनमें कीमतों और मुद्रा स्थिरता की रणनीति, मुद्रा प्रबंधन, वित्तीय क्षेत्र में नियामक व्यवस्था और सार्वजनिक क्षेत्र की परिसंपत्तियों का मौद्रीकरण शामिल हैं। इसके अतिरिक्त समिति बैंकिंग, पेंशन और स्वास्थ्य बीमा क्षेत्रों का भी अध्ययन करेगी। इसके अलावा, असंगठित क्षेत्र के लिए सामाजिक सुरक्षा और केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का मूल्यांकन करेगी।
समिति सीमा शुल्क, जीएसटी और प्रत्यक्ष कर सुधारों पर विचार करेगी। वह वर्चुअल डिजिटल परिसंपत्तियों और एआइ से जुड़े उभरते मुद्दों का विश्लेषण करेगी। इसके अलावा, कारपोरेट कार्य मंत्रालय के संबंध में समिति नेशनल कंपनी ला ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) की चुनौतियों का अध्ययन करेगी।
सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना से संबंधित संसदीय समिति ने विस्तृत अध्ययन के लिए छह विषय चुने हैं। इनमें सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजनाव (एमपीएलएडीएस) के तहत आवंटन बढ़ाना, विकास कार्यों को समय पर पूरा करना और धन जारी करने में तकनीकी बाधाएं शामिल हैं।
वीबी-जी राम जी अधिनियम, 2025 के तहत विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) गारंटी योजना के साथ एमपीएलएडीएस के समन्वय की संभावना भी अध्ययन के लिए चुना गया एक प्रमुख विषय है। कांग्रेस के लोकसभा सदस्य के. सुरेश की अध्यक्षता वाली समिति एमपीएलएडीएस के तहत किए जाने वाले कार्यों की समय पर निगरानी और क्रियान्वयन पर भी ध्यान देगी।
वह सुविधा केंद्रों के कामकाज की समीक्षा करेगी और ई-साक्षी पोर्टल के जरिये धन जारी करने में आने वाली तकनीकी बाधाओं की जांच करेगी। लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य आवंटन बढ़ाने की मांग करते रहे हैं। प्रति सांसद सालाना पांच करोड़ रुपये का आवंटन 2011-12 से अपरिवर्तित है। इसे बढ़ाकर प्रति सांसद सालाना 18 करोड़ से 20 करोड़ रुपये करने की मांग की जा रही है।
