विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रेन योजना की समीक्षा करेगी संसदीय समिति, महिलाओं के खिलाफ अपराधों के रोकथाम पर होगा विचार

Published: Thu, 29 Oct 2026 02:00 AM (IST)

संसद की शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल संबंधी स्थायी समिति वित्त वर्ष 2026-27 में पीएम केयर्स फार चिल्ड्रेन योजना ...और पढ़ें

पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रेन योजना की समीक्षा करेगी संसदीय समिति (सांकेतिक तस्वीर)

पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रेन योजना की समीक्षा करेगी संसदीय समिति (सांकेतिक तस्वीर)

HighLights

  1. कांग्रेस सांसद मुकुल वासनिक की अध्यक्षता वाली समिति करेगी समीक्षा

  2. महिलाओं के खिलाफ अपराधों की रोकथाम के उपायों पर भी विचार करेगी

पीटीआई, नई दिल्ली। संसद की शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल संबंधी स्थायी समिति वित्त वर्ष 2026-27 में पीएम केयर्स फार चिल्ड्रेन योजना और बाल शोषण रोकने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा करेगी।

कांग्रेस सांसद मुकुल वासनिक की अध्यक्षता वाली समिति ने आगामी वर्ष के लिए आठ विषयों को जांच और समीक्षा के लिए चुना है।

इनमें कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम तथा शिकायतों के निपटारे से जुड़े कानून का क्रियान्वयन भी शामिल है। समिति सरकारी और निजी क्षेत्रों के साथ असंगठित क्षेत्र में भी इसके कार्यान्वयन की समीक्षा करेगी।

समिति महिलाओं के खिलाफ अपराधों के रुझानों, चुनौतियों और उनकी रोकथाम के उपायों पर भी विचार करेगी। इसके अलावा सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 योजना, ‘पोषण भी पढ़ाई भी’ और प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा को सार्वभौमिक बनाने से जुड़ी अन्य योजनाओं की समीक्षा की जाएगी।

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के स्वायत्त निकायों के कामकाज और प्रदर्शन का आकलन भी समिति के एजेंडे में शामिल है। इसके अतिरिक्त, महिलाओं और बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य तथा कल्याण को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी समीक्षा की जाएगी।

विभाग-संबंधी स्थायी समिति का सितंबर में एक वर्ष के लिए पुनर्गठन किया गया था। इसके बाद समिति ने अगले वर्ष के लिए समीक्षा संबंधी विषयों का चयन किया है।

आरटीआइ कानून और केंद्रीय सूचना आयोग के कामकाज की भी समीक्षावहीं, संसद की कार्मिक, जन शिकायत, कानून एवं न्याय संबंधी स्थायी समिति सूचना का अधिकार (आरटीआई) कानून के क्रियान्वयन और केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) के कामकाज की समीक्षा करेगी।

आयोग में 10 हजार से अधिक मामले लंबित हैं। समिति केंद्र सरकार में रिक्त पदों, सतर्कता प्रशासन, न्यायिक बुनियादी ढांचे और जन शिकायत निवारण व्यवस्था की भी समीक्षा करेगी।

इसके अलावा, फास्ट ट्रैक विशेष अदालतों, ई-कोर्ट परियोजना, न्याय प्रणाली में एआइ के इस्तेमाल और कानूनी सहायता संस्थानों के प्रदर्शन का आकलन किया जाएगा। समिति आरक्षण नीतियों, नागरिक चार्टर के क्रियान्वयन तथा सरकारी शिकायत पोर्टलों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उपायों पर भी विचार करेगी।

इंटरनेट मीडिया नियम, एआई, डीपफेक और चिप उद्योग की भी होगी समीक्षा

सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी संसद की स्थायी समिति वर्ष 2026-27 के दौरान इंटरनेट मीडिया नियम, एआई, डीपफेक, साइबर सुरक्षा और सेमीकंडक्टर उद्योग सहित 17 विषयों की समीक्षा करेगी।

समिति एआई से तैयार भ्रामक सामग्री, डिजिटल पहचान धोखाधड़ी और एआई के विकास एवं उपयोग में सुरक्षा मानकों की भी जांच करेगी। इसके अलावा, केंद्र और राज्य सरकारों, बैंकों तथा सार्वजनिक उपक्रमों में डिजिटल बुनियादी ढांचे की समीक्षा की जाएगी।

समिति भारत के सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र, क्लाउड एवं डाटा सेंटर, क्वांटम कंप्यूटिंग, उच्च प्रदर्शन कंप्यूटिंग और स्वदेशी एआई मॉडल पर भी विचार करेगी।