विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

पंजाब कांग्रेस में बदलाव के बाद एकजुटता पर जोर, अध्यक्ष बनते ही परगट सिंह दिल्ली में एक्टिव; चुनावी रणनीति पर मंथन तेज

By Sanjay MishraEdited By: Deepak Gupta
Published: Sun, 04 Oct 2026 10:29 PM (IST)

पंजाब कांग्रेस में संगठन में बदलाव के बाद अब पार्टी एकजुटता पर जोर दे रही है। नए अध्यक्ष परगट सिंह ...और पढ़ें

अध्यक्ष बनते ही परगट सिंह दिल्ली में एक्टिव।

अध्यक्ष बनते ही परगट सिंह दिल्ली में एक्टिव।

HighLights

  1. पंजाब कांग्रेस में संगठन बदलाव के बाद एकजुटता पर पार्टी का जोर।

  2. नए अध्यक्ष परगट सिंह ने दिल्ली में हाईकमान से मुलाकात की।

  3. पार्टी गुटबाजी खत्म कर चुनावी कार्यक्रमों की रूपरेखा पर मंथन।

संजय मिश्र, नई दिल्ली। पंजाब कांग्रेस में संगठन का चेहरा बदलकर अंदरूनी झगड़े को खत्म करने की बड़ी पहल के बाद पार्टी अब अपने नेताओं की एकजुटता के दमखम से चुनावी विमर्श की दशा-दिशा निर्धारित करने की नए सिरे तैयारी में जुट गई है। पंजाब चुनाव में कांग्रेस के दमखम के साथ एकता की हुंकार दिखाने के लिए पार्टी ने नए सिरे से राजनीतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा पर मंत्रणा शुरू कर दी है।

कांग्रेस के लिए अपने नेताओं की एकजुटता पंजाब में सबसे बड़ी चुनौती रही है। इसके मद्देनजर ही लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी के प्रदेश दौरे का कार्यक्रम बनाया जा रहा है, जिसमें पंजाब कांग्रेस के सभी दिग्गज एक साथ शामिल होकर आपसी लड़ाई को पीछे छोड़ने का संदेश देंगे।

इस बीच, नए प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह ने आधिकारिक रूप से कमान संभालने से पहले रविवार को राजधानी दिल्ली आकर हाईकमान के दृष्टिकोण से सीधे रूबरू होने की पहल शुरू कर दी।

गुटबाजी को अब सहन नहीं करेगा हाईकमान

पार्टी सूत्रों के अनुसार, पंजाब कांग्रेस के नए अध्यक्ष परगट सिंह के साथ सूबे के तमाम पार्टी नेताओं को हाईकमान की ओर से साफ संदेश दे दिया गया है कि संगठन में बदलाव के बाद गुटबाजी को हवा देने की किसी भी नेता की कोशिश को अब सहन नहीं किया जाएगा।

पंजाब में चार महीने पहले हुई चुनावी टीम की घोषणा के बाद से ही पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी तथा सुखजिंदर सिंह रंधावा जैसे नेताओं ने अमरिंदर सिंह राजा वारिंग को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटाने का मोर्चा खोल दिया था। इसकी वजह से ही अमृतसर से पंजाब कांग्रेस के नेताओं संग बस में सवार होकर यात्रा निकालने की राहुल गांधी के कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार किए जाने के बाद भी सिरे नहीं चढ़ पाई।

पंजाब कांग्रेस के प्रभारी महासचिव के तौर पर भूपेश बघेल ने तो 15 सितंबर की संभावित तारीख का भी एलान कर दिया था लेकिन इस घोषणा के एक-दो दिन बाद ही उन्हें पंजाब के प्रभारी महासचिव पद से हटाकर असम भेज दिया गया।

परगट सिंह पंजाब कांग्रेस की कमान

पंजाब कांग्रेस का झगड़ा खत्म करने के लिए परगट सिंह को अध्यक्ष बनाए जाने पर सूबे के नेताओं की व्यापक सहमति को देखते हुए पार्टी के रणनीतिकार अक्टूबर महीने में ही बड़े चुनावी कार्यक्रम की रूपरेखा को कुछ संशोधनों के साथ अंजाम देने की कसरत में जुट गए हैं।

बताया जाता है कि पंजाब कांग्रेस के नए प्रभारी महासचिव सचिन पायलट चुनावों की तेज होती आहट को देखते हुए प्रदेश कांग्रेस के चुनाव अभियान में अब और विलंब नहीं चाहते।

दिल्ली पहुंचे परगट सिंह

इसलिए, प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के एक दिन बाद ही परगट हाईकमान से चर्चा के लिए रविवार को दिल्ली पहुंच गए और पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की पत्नी से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लेने के बाद वरिष्ठ नेताओं से मेल-मुलाकातों का दौर शुरू कर दिया।

इस क्रम में परगट ने पंजाब से संबंध रखने वाली कांग्रेस कार्यसमिति की सदस्य अंबिका सोनी से भी सूबे के चुनाव और सियासी मसलों पर चर्चा की।