हीरानगर, जागरण संवाददाता। पाकिस्तानी रेंजरों ने तीन दिन बाद फिर सीजफायर का उलंघन करते हुए हीरानगर सेक्टर के चक चंगा और छन्नटांडा गांवों को निशाना बनाकर गोलाबारी की। सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने भी गोलाबारी का मुंहतोड़ जवाब दिया।

81 व 51 एमएम के मोर्टार दागे

पाक रेंजरों ने शनिवार देर रात पप्पू चेक पोस्ट से गोलाबारी शुरू कर दी, जो रविवार सुबह साढ़े चार बजे तक जारी रही। इस दौरान पाक रेंजरों ने गोलीबारी के साथ 81 व 51 एमएम के मोर्टार दागे, जो गांवों के बाहर खेतों में गिरे। मोर्टार से जानमाल का नुकसान तो नहीं हुआ, लेकिन लोगों ने पूरी रात दहशत में गुजारी।

गोलाबारी की आशंका से लोग पहले ही बंकरों के अंदर चले गए थे, जिस कारण वह सुरक्षित रहे। गोलाबारी बंद होने के बाद सुबह चौकी प्रभारी चकड़ा नरेंद्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस कर्मियों और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) के जवानों ने गांव में तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान उन्होंने पाकिस्तान की ओर से चलाए गए मोर्टार के खोखे इकट्ठे किए और फसलों के नुकसान का जायजा लिया।

सेना दिवस के मौके पर सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे चीन, पाकिस्तान और कश्मीर में 'छद्म युद्ध' से जूझ रहे सेना के जवानों को चौबीसों घंटे चौकस रहने को कहा था । इसके साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि उनकी जरूरतों को किसी भी कीमत में पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सेना ने उभरते खतरों से निपटने के लिए सैद्धांतिक अनुकूलन और क्षमता वृद्धि की दिशा में कई कदम उठाए हैं।

नियंत्रण रेखा पर आए दिन गोलीबारी

पाकिस्तान की ओर से ही आए दिन नियंत्रण रेखा पर गोलीबारी की जाती है इसमें सीमा पर रहने वाले निर्दोष नागरिकों की मौत हो रही है। भारत इसके कई सबूत भी दे चुका है उसके बाद भी पाकिस्तान इस पर अंकुश नहीं लगा रहा है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने रविवार को ट्वीट करते हुए कहा कि पाकिस्तान भारत नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर हो रही गोलीबारी से नागरिकों को निशाना बनते हुए नहीं देख सकता है।

 

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