नई दिल्ली, [जयप्रकाश रंजन]। कई हफ्तों की शांति के बाद पिछले एक हफ्ते के दौरान लगातार बेवजह फायरिंग और अब भारतीय सेना के जवानों के शवों के साथ दरिंदगी। क्या यह पाकिस्‍तानी पीएम नवाज शरीफ के साथ तल्ख होते रिश्तों का नतीजा है, ताकि कूटनीतिक स्तर पर पाक पीएम की चुनौतियां और बढ़ाई जा सके। वैसे पाक सेना ने भारतीय सेना के जवानों के शवों के साथ किसी छेड़छाड़ से इनकार किया है। लेकिन भारतीय विशेषज्ञों का कहना है कि यह उनकी पुरानी चाल है। यह भी हो सकता है कि जिस तरह से पहले भी उन्होंने अपने आतंकी गुर्गों की मदद से भारतीय सेना के जवानों के शवों के साथ छेड़छाड़ की थी, वहीं तरीका फिर से आजमा रहे हों।

विदेश मंत्रालय के सूत्रों का कहना है शरीफ सरकार संभवत: अपने कार्यकाल के सबसे चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रही है। पाकिस्तान में पहले से ही शरीफ सरकार और पाक सेना के अधिकारियों के बीच राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की बैठक में वैचारिक मतभेद की खबर प्रकाशित होने की जांच करने के लिए गठित समित की रिपोर्ट पर भारी वाद मचा हुआ है। तीन दिन पहले ही पीएम नवाज शरीफ ने जांच समिति की सिफारिशों को मंजूरी दी थी और उसके कुछ ही घंटे बाद पाक सेना की तरफ से यह सूचना दी गई कि ये सिफारिशें पूरी तरह से मुकम्मल नहीं है। साथ ही पाक सेना ने इसे खारिज भी कर दिया था। पाकिस्तान के इतिहास में पहली बार हुआ है कि पीएम की तरफ से मंजूर सिफारिशों को सेना ने खारिज किया है।

सूत्रों के मुताबिक, यह भी पाकिस्तान मीडिया में भारतीय उद्यमी सज्जन जिंदल के शरीफ से गोपनीय मुलाकात को लेकर भी काफी खबरें प्रकाशित हो रही हैं। मीडिया में यह कयास लगाया जा रहा है कि भारत के साथ वार्ता को शुरू करने को लेकर पर्दे के पीछे शरीफ कुछ तैयारियों में जुटे हैं। हो सकता है कि ऐसे में पाकिस्तान सेना की तरफ से भारतीय सीमा पर बेवजह ही आक्रामकता दिखाने की कोशिश हो रही है, ताकि रिश्तों को समान्य बनाने की किसी भी कोशिश को तुरंत खारिज किया जा सके। साथ ही पाक सेना शरीफ को यह भी संदेश देना चाहता है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्हें शर्मिंदा करने की कई तरकीबें उनके पास हैं। 

सनद रहे कि दिसंबर, 2015 में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अचानक ही लाहौर की यात्रा करके द्विपक्षीय वार्ता की जमीन तैयार की थी, तो पाक सेना ने पठानकोट हमला करवा कर पूरी कोशिश पर ही पानी फेर दिया था। पाक मीडिया में यह खबरें प्रकाशित हो चुकी हैं कि किस तरह से पाक सेना ने पठानकोट हमले की जांच के लिए आई पाकिस्तान की टीम को अपनी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं करने दी थी।

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Posted By: Tilak Raj

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