'पाकिस्तानी महिला खुफिया एजेंटों के निशाने पर भारतीय रक्षाकर्मी', आंध्र प्रदेश पुलिस का बड़ा खुलासा
पाकिस्तान हमेशा से भारत के जवानों को हनी ट्रैप में फंसाकर जानकारी निकालने की कोशिश करता रहा है। इस कड़ी ...और पढ़ें

पाकिस्तानी महिला खुफिया एजेंट भारतीय रक्षाकर्मियों को निशाना बना रही हैं: आंध्र प्रदेश पुलिस (सांकेतिक तस्वीर)
HighLights
भारतीय सैनिकों और रक्षा अधिकारियों को टारगेट कर रही हैं पाकिस्तानी महिला जासूस
भारतीय रक्षा प्रतिष्ठानों में सेंध लगाने की पाकिस्तानी साजिश का पर्दाफाश
पीटीआई, हैदराबाद। पाकिस्तान हमेशा से भारत के जवानों को हनी ट्रैप में फंसाकर जानकारी निकालने की कोशिश करता रहा है। इस कड़ी में एक खबर सामने आई है कि पाकिस्तान की महिला खुफिया एजेंट (पीआईओ) भारतीय रक्षाकर्मियों को जासूसी के लिए निशाना बना रही हैं। इसकी जानकारी आंध्र प्रदेश पुलिस ने दी है।
आंध्र प्रदेश पुलिस ने कहा है कि पाकिस्तान की महिला खुफिया एजेंट वित्तीय लालच, हनी ट्रैप, अश्लील तस्वीरें और झूठे वादे देकर संवेदनशील और गोपनीय जानकारी हासिल करने की कोशिश कर रही हैं।
मंगलवार को आंध्र प्रदेश काउंटर इंटेलिजेंस (सीआई) सेल ने ऑपरेशन फायरवॉल-2026 के तहत दो लोगों को गिरफ्तार किया। इनमें विशाखापट्टनम नौसैनिक अड्डे के कर्मचारी प्रदीप मुखर्जी और नौसैनिक अधिकारियों के लिए काम करने वाले सिविलियन कॉन्ट्रैक्ट ड्राइवर अन्नम साई वरप्रसाद शामिल हैं। दोनों पर नौसेना और रक्षा प्रतिष्ठानों की जानकारी साझा करने का आरोप है।
पुलिस के अनुसार 18 संदिग्धों में से 13 नौसेना कर्मी थे, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ जासूसी साजिश में शामिल होने के आरोप में हैं।
पुलिस ने बताया कि महिला पाकिस्तानी एजेंट शुरू में फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर संपर्क करती हैं। विश्वास जीतने के बाद बातचीत को व्हाट्सएप पर शिफ्ट कर दिया जाता है। वहां चैट, वॉयस कॉल और वीडियो कॉल के जरिए हनी ट्रैप करने की कोशिश की जाती है।
ये एजेंट व्हाट्सएप ओटीपी भी मांगती हैं और क्रिप्टोकरेंसी या बिचौलियों के जरिए पैसे का लालच देती हैं। ओटीपी का इस्तेमाल पाकिस्तान में व्हाट्सएप अकाउंट सक्रिय करने के लिए किया जाता है। वहीं पुलिस ने जवानों को सावधान रहने की बात कही है।
