श्रीनगर, एएनआइ। पाकिस्‍तान ने शनिवार को एक बार फिर से सीजफायर उल्‍लंघन (Ceasefire Violation) किया है। पुंछ जिले के मेंढर सेक्‍टर में सीमा नियंत्रण रेखा (LoC) के पास पाक की ओर से सीजफायर उल्‍लंघन किया गया जिसका भारतीय सेना (Indian Army)  ने मुंहतोड़ जवाब दिया।

इस साल के पहले दिन भी पाकिस्‍तान अपनी करतूत से बाज नहीं आया और 1 जनवरी की रात पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा के मोर्टार  (Mortar)  से गोले बरसाए। उस वक्‍त भी सक्रिय भारतीय सेना ने फुर्ती दिखाई और मुंहतोड़ जवाब दिया।

उल्‍लेखनीय है कि पिछले 16 सालों के दौरान किए गए सीजफायर उल्‍लंघन की घटनाएं सबसे अधिक वर्ष 2019 में हुई। पिछले साल 3,200 से भी अधिक बार या कह लें एक दिन में औसतन 9 बार पाकिस्‍तान ने इस तरह की नापाक करतूत को अंजाम दिया। इनमें से 1,565 सीजफायर उल्‍लंघन की घटनाएं भारत सरकार द्वारा जम्‍मू कश्‍मीर से अनुच्‍छेद 370 (Article 370) हटाने व इसे केंद्र शासित (Union Territories) प्रदेश बनाने के बाद यानि अगस्‍त 2019 से अब तक हुई।

सामाजिक कार्यकर्ता रोहित चौधरी के RTI के तहत पूछे गए सवाल के जवाब में मिले आंकड़ों का खुलासा करते हुए गृह मामलों के मंत्रालय की निदेशक सुलेखा ने बताया कि अक्‍टूबर में सर्वाधिक सीजफायर उल्‍लंघन की घटनाएं हुई जो 398 थीं, नवंबर में यह संख्‍या बढ़कर 333 हो गई, अगस्‍त में 323, जुलाई में 314, सितंबर में 308 और मार्च में 275 घटनाओं की गिनती हुई।

बता दें कि वर्ष 2018 में लोगों के बीच भय का माहौल बनाने के लिए पाकिस्‍तान ने जम्‍मू कश्‍मीर में 2,936 सीजफायर उल्‍लंघन की घटनाएं हुई। पाकिस्‍तानी सैनिकों द्वारा सीमा पर शांति बनाए रखने को लेकर फ्लैग मीटिंग के दौरान प्रतिबद्धता जताई गई। इसके बावजूद 2019 में पाक बाज नहीं आया और सीजफायर उल्‍लंघन की घटनाएं जारी रहीं।

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Posted By: Monika Minal

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