नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। लगभग आठ महीने के बाद पाकिस्तान के उच्चायुक्त और हुर्रियत कांफ्रेंस के बीच बातचीत का सिलसिला फिर शुरू हो गया है। हुर्रियत के उदारवादी गुट के प्रमुख मीरवाइज उमर फारूक ने उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ पाक उच्चायुक्त अब्दुल बासित से मुलाकात की। मीरवाइज पाकिस्तान दिवस समारोह में हिस्सा लेने के लिए बासित के निमंत्रण पर सात हुर्रियत नेताओं के प्रतिनिधिमंडल के साथ दिल्ली आए हैं। प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता के बाद उन्होंने पाक उच्चायुक्त से अकेले में मुलाकात कर विदेश सचिव स्तर की बातचीत के बारे में जानना चाहा और कश्मीर की ताजा हालात की जानकारी दी।

भारत सरकार ने नहीं दी तवज्जो

पिछले साल अगस्त में हुर्रियत नेताओं से पाक उच्चायुक्त की मुलाकात के बाद विदेश सचिवों की वार्ता रद करने वाली नरेंद्र मोदी सरकार इस बार मुलाकात को तवज्जो नहीं दे रही है। सरकार के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार पिछली बार विदेश सचिव स्तर की वार्ता से पहले पाक उच्चायुक्त हुर्रियत नेताओं से मिल रहे थे। यह बातचीत का एजेंडा तय करने जैसा था। लेकिन इस बार वार्ता होने के बाद हुर्रियत नेताओं को केवल इसकी जानकारी दी गई है। इससे पहले विदेश सचिव स्तर की वार्ता के तत्काल बाद बासित अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी से मुलाकात कर चुके हैैं।

वार्ता को तैयार हैं मीरवाइज

हुर्रियत कांफ्रेस के उदारवादी धड़े के प्रमुख मीरवाइज उमर फारूक कुछ दिन पहले मोदी सरकार से बातचीत की इच्छा जता चुके हैं। मीरवाइज का कहना था कि मोदी सरकार को यह फैसला करना है कि हुर्रियत और पाकिस्तान तथा दूसरे संबंधित पक्षों को कैसे शामिल करेंगे। हमारा रुख साफ है। हम बातचीत के पक्ष में हैं।

बासित के साथ मुलाकात के बाद मीरवाइज ने कहा कि कश्मीर में शांति बहाली जरूरी है। इस समस्या का ङ्क्षहसा से समाधान नहीं हो सकता हैै। साथ ही उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि यह एक क्षेत्रीय समस्या है और सभी पक्षों की बातचीत से ही इसका हल निकल सकता है।

'इस्लामाबाद को उम्मीद है कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पाकिस्तान की यात्रा पर जाएंगे। पाकिस्तान के उच्चायुक्त ने मुझे इस बात की जानकारी दी है।' -मीरवाइज उमर फारूक, हुर्रियत नेता

Posted By: Gunateet Ojha

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