जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने भी माना है कि कुलभूषण जाधव की उनके परिवार से मुलाकात दोनो देशों के रिश्तों को सुधारने वाला एक कदम साबित हो सकता था लेकिन पाकिस्तान सरकार की 'दुष्टता' की वजह से पूरा माहौल खराब हो चुका है। उन्होंने खास तौर पर जाधव की पत्नी चेतना जाधव के जूते में धातु की चिप पाये जाने की पाकिस्तान सरकार के आरोप को हास्यास्पद और दुष्टता से भरा करार दिया है। स्वराज ने आज राज्य सभा व लोक सभा में इस्लामाबाद में सोमवार को जाधव की मां-पत्नी के साथ हुई मुलाकात पर बयान दिया। स्वराज ने पूरे मामले में पाकिस्तान की कलई खोलने में कोई कोताही नहीं की। संसद ने भी पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के कार्यालय में जाधव के परिवार के साथ हुए दु‌र्व्यवहार पर एक सुर में आपत्ति जताई है और इसकी निंदा की है।

भारतीय विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को ही पाकिस्तान के रवैये पर देश के गुस्से का इजहार किया था। विदेश मंत्री स्वराज ने बताया कि बुधवार को भारत ने इस पूरे प्रकरण पर राजनयिक तौर पर भी अपनी आपत्ति जता दी है। पाकिस्तान को नोट बर्बल जारी किया गया है उन सभी मुद्दों को बताया है जो मुलाकात से पहले दोनो देशो के बीच बनी सहमति का उल्लंघन है। स्वराज ने पाकिस्तान के इस आरोप की भी हवा निकाल दी है कि जाधव की पत्नी के जूते में कोई चिप मिला है। उन्होंने कहा कि जाधव की पत्नी वहीं जूते पहन कर भारत व संयुक्त अरब अमीरात के हवाई अड्डे से निकल गई। फिर वह अपने जूते वापसी के वक्त मांग रही थी। भारतीय विदेश मंत्रालय पहले ही इस बात की आशंका जता चुका था कि जूते नहीं देने के पीछे पाकिस्तान की कोई शरारत साजिश है। जिसका खुलासा एक दिन बाद ही हो गया जब पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि उसमें एक चिप मिली हुई है जिसकी फोरेंसिक जांच करवाई जा रही है। सुषमा का यह कहना भी अहम है कि, यह भेंट आगे की दिशा में बढ़ने वाला एक कदम साबित हो सकती थी लेकिन यह अत्यंत खेद का विषय है कि हमारे दोनों देशों के बीच बनी सहमति से हटकर इस मुलाकात का आयोजन किया गया। पाकिस्तान ने इसे एक प्रोपेगेंडा के हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया।

मां के बिंदी न देख सन्न रह गये थे जाधव

विदेश मंत्री ने पत्नी के साथ ही मां के भी बिंदी, मंगलसूत्र और चूडि़यों को निकाले जाने पर कड़ा ऐतराज जताया। इस बारे में सुषमा ने गुरुवार को भी जाधव की मां से बात की और पूरी स्थिति का ब्यौरा लिया। मां अवंतिका जाधव ने उन्हें बताया है कि उनकी बिंदी, मंगलसूत्र व चूडि़यां भी उतरवा ली गई थी। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो पाकिस्तान की महिला अधिकारी ने कहा कि वह सिर्फ उपर के आदेश का पालन कर रही है। बाद में जब जाधव ने मां को बगैर बिंदी व चूडि़यों को देखा तो पहला सवाल यह पूछा कि 'बाबा कैसे हैं?' उन्हें किसी बुरी खबर की आशंका हो गई थी। बाद में उन्होंने जब अपनी पत्नी को भी बगैर बिंदी के देखा तो उन्हें आभास हो गया कि सुरक्षा वजहों से उसे उतारा गया है। सुषमा ने कहा कि, ''दोनों महिलाओं को विधवा की तरह उनकी बेटे व पति के सामने पेश किया गया। इससे बड़ा कोई अपमान नहीं हो सकता।''

अंत में सुषमा ने कहा कि पाकिस्तान यह कह रहा है कि उसने मानवता के आधार पर यह मुलाकात करवाई है लेकिन सच्चाई यह है कि मानवता व सद्भाव के नाम पर हुई इस मीटिंग से मानवता भी गायब थी और सद्भाव भी। इसमें श्री जाधव के परिवार वालों के मानवाधिकारों का ही पूरी तरह से उल्लंघन किया गया और उन्हें भयभीत करने वाले वातावरण पैदा किया, जिसकी जितनी भी निंदा की जाए कम है। पाकिस्तानी अधिकारियों ने साजिश के तहत जाधव की मां व पत्नी को पाकिस्तान की मीडिया के सामने प्रस्तुत किया ताकि उन्हें परेशान किया जा सके। बहरहाल, विदेश मंत्री ने यह भरोसा जरुर दिलाया कि भारत मजबूत तर्को के आधार पर अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में जाधव को स्थाई राहत दिए जाने का प्रयास कर रहा है।

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Posted By: Gunateet Ojha

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