नई दिल्ली। सोमवार को मानवाधिकार दिवस के मौके पर पाकिस्तान में हिंदुओं के उत्पीड़न और उनके धर्मस्थलों के तोड़े जाने के खिलाफ बजरंग दल के नेतृत्व में सोमवार को पाकिस्तान से आए हिंदुओं ने मुंह पर काली पंट्टी बांध मूक प्रदर्शन किया और संयुक्त राष्ट्र के नाम ज्ञापन सौंपा।

पाकिस्तान से आए पीड़ित लोगों में से 20 वर्षीय जमुना ने कहा कि मुस्लिम कट्टरपंथियों के डर के मारे उसने पाकिस्तान में कभी किसी विद्यालय का मुंह नहीं देखा। सिंध प्रात की रहने वाली 70 वर्षीया श्रीमती लक्ष्मी देवी अपनी आँखों में आसू भरकर पुरानी यादो को ताजा करते हुए कहती हैं कि पिछले चालीस वषरें से तो मुझे याद नहीं की हमने कभी पाकिस्तान में होली, दिवाली या कोई अन्य हिन्दू त्योहार धूमधाम से मनाया हो। हमारे सभी त्यौहार और मंदिर मुस्लिम कट्टरपंथियों की भेंट चढ़ चुके हैं। उन्होंने कहा की हमें तो वहा हिन्दू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार तक का अधिकार नहीं है।

इस अवसर पर दिल्ली विहिप के उपाध्यक्ष ब्रजमोहन सेठी ने कहा कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों खास कर हिंदुओं के खिलाफ ज्यादतियां बढ़ती ही जा रही है जिससे हिंदुओं को कहां रहना मुश्किल हो गया है।

सेठी ने कहा की पाकिस्तान में हिंदुओं का जबरन धर्मातरण कराया जा रहा है। महिलाओं का अपहरण और शोषण किया जा रहा है। साथ ही हिंदुओं के धार्मिक स्थलों पर आक्रमण, समाजिक भेदभाव, संपत्ति हड़पना जैसी घटनाएं आज आम हो गई है। वहा के गरीब हिंदू बंधुआ मजदूरों की जिंदगी जीने को मजबूर हैं। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र संघ से माग की है कि इस बाबत तुरंत कार्यवाही कर हिंदुओं का उत्पीड़न रोका जाए।

इस बारे में दिल्ली विहिप के मीडिया प्रमुख विनोद बंसल ने बताया कि आज पाकिस्तान से आए हिंदुओं के जत्थे को लेकर बजरंग दल के कार्यकर्ता लोधी स्टेट स्थित संयुक्त राष्ट्र कार्यालय पहुंचे तथा मुंह पर काली पट्टी व हाथों में प्ले कार्ड तथा भगवा झडे लिए प्रदर्शन किया।

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