यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 23, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
'सिर्फ 20 फीट की दूरी, हमने पीछे मुड़कर तक नहीं देखा', आतंकी हमले में बच निकले परिवार ने सुनाई खौफनाक दास्तां
पहलगाम में हुए आतंकी हमले से बच निकलने वाले महाराष्ट्र के एक परिवार ने अपनी कहानी बताई है। उन्होंने कहा- ...और पढ़ें

HighLights
- महाराष्ट्र से पहलगाम घूमने आए टूरिस्ट ने सुनाई आपबीती।
- 'हमें काफी देर तक गोलीबारी की आवाजें सुनाई देती रहीं'।
एएनआई, अनंतनाग। पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले के समय घटनास्थल पर मौजूद महाराष्ट्र के नागपुर से आए एक पर्यटक दंपती ने बताया, 'यह घटना उस समय हुई जब हम घटनास्थल से निकले ही थे। हम काफी देर तक गोलीबारी की आवाज सुनते रहे। हर कोई वहां से भागने की कोशिश कर रहा था। हमने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा क्योंकि हम बस वहां से भागना चाहते थे।'
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले से पूरे देश में दहशत का माहौल है। मंगलवार की दोपहर पर्यटकों ने आतंकियों पर हमला किया। इस हमले में दो विदेशी पर्यटकों समेत 27 लोगों की मौत हो गई। इस बीच महाराष्ट्र से कश्मीर आए एक टूरिस्ट ने हमले की दास्तां बयां की है। अच्छी बात ये है कि जब ये हमले हुआ उससे कुछ मिनट पहले ही ये महाराष्ट्र का परिवार पहलगाम से निकला था।
'हमने पीछे मुड़कर नहीं देखा'
नागपुर से आए व्यक्ति ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया, 'यह घटना तब हुई जब हम उस जगह से बस निकले ही थे। हम काफी देर तक गोलियों की आवाज सुनते रहे। हर कोई वहां से भागने की कोशिश कर रहा था। हम असली जगह से 20 फीट की दूरी पर थे। हमने पीछे मुड़कर नहीं देखा क्योंकि हम बस वहां से निकलना चाहते थे।
#WATCH | Anantnag, J&K | A tourist couple from Maharashtra's Nagpur who were present at the spot of the terrorist attack on tourists in Pahalgam, say, "This incident happened when we had just left the place of the incident. We could hear the sound of firing for a long time.… pic.twitter.com/yXF3JLnSMz
— ANI (@ANI) April 22, 2025
पत्नी और बेटी की चिंता थी...
आदमी ने अपनी पत्नी और बेटे के साथ भागते हुए कहा कि एग्जिट गेट बहुत छोटा था, केवल 4 फीट- और वहां बहुत सारे लोग थे। उन्होंने कहा, 'मुझे अपनी पत्नी और बेटे की सुरक्षा की चिंता थी। मेरी पत्नी के पैर में फ्रैक्चर हो गया।
वहीं अस्पताल के बिस्तर पर लेटी महिला से जब हमले के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा-लोग चिल्ला रहे थे 'फायरिंग हो रही है' और वे भागते रहे। लोग पीछे से आ रहे थे और धक्का दे रहे थे। हमने पीछे मुड़कर बिल्कुल नहीं देखा। वहां बच्चे भी थे। हमें बाहर निकलने में बहुत मुश्किल हो रही थी।
