SIR के बाद देश में जुड़े 2.37 करोड़ नए वोटर, फॉर्म-6 में नहीं हुआ कोई बदलाव; चुनाव आयोग का बड़ा दावा
चुनाव आयोग ने मतदाता सूचियों में नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए फॉर्म-6 में घोषणा-पत्र जोड़ने के विवाद पर स्पष्टीकरण दिया है।

SIR के बाद देश में जुड़े 2.37 करोड़ नए वोटर (प्रतिकात्मक फोटो)
HighLights
चुनाव आयोग ने फॉर्म-6 घोषणा-पत्र विवाद पर स्पष्टीकरण दिया
बिहार एसआइआर के बाद 2.37 करोड़ नए युवा वोटर जुड़े
घोषणा-पत्र से मतदाता मैपिंग आसान, दस्तावेज कम जमा होते हैं
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मतदाता सूचियों में नाम जुड़वाने वाले नए मतदाताओं के लिए चुनाव आयोग द्वारा फार्म-6 में एक घोषणा-पत्र जोड़ने और पंजीकरण प्रक्रिया को मुश्किल बनाने के विवाद पर चुनाव आयोग के अधिकारियों ने स्पष्टीकरण दिया है।
अधिकारियों ने शुक्रवार को कहा कि पिछले वर्ष जून में बिहार में एसआईआर प्रक्रिया शुरू होने के बाद से देशभर में 18-28 वर्ष की उम्र के 2.37 करोड़ नए मतदाता जोड़े गए हैं। अभी इस उम्र समूह के देश में 17.38 करोड़ मतदाता हैं।
आनलाइन फार्म में बदलाव के बाद, न केवल मौजूदा वोटरों को मतदाता सूची में बने रहने के लिए एसआइआर में अपने माता-पिता की जानकारी देनी होगी, बल्कि मतदाता सूची में नाम जुड़वाने वालों को भी इसकी जानकारी देनी होगी।
चुनाव आयोग ने निर्देश जारी करके मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए फार्म-6 भरने वाले नए मतदाताओं के लिए माता-पिता का एसआईआर विवरण देना अनिवार्य कर दिया है। चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि यह घोषणा-पत्र निर्देशों के माध्यम से जोड़ा गया था और फार्म-6 में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
यह घोषणा-पत्र पिछले वर्ष बिहार एसआइआर में जोड़ा गया था। नए मतदाताओं को फार्म-6 के साथ यह घोषणा-पत्र भी भरना होता था। उन्होंने कहा कि बिहार के प्रतिदिन आने वाले एलआइआर बुलेटिन में भरे हुए फार्म के साथ घोषणा-पत्र भी प्रदर्शित होते थे।
अधिकारी ने कहा, इससे मतदाताओं की मैपिंग में मदद मिलती है और नए मतदाताओं के लिए आवेदन के साथ जमा करने वाले दस्तावेज की संख्या कम हो जाती है। गौरतलब है कि अगर कोई व्यक्ति आनलाइन फार्म-6 भरता है, तो वह तब तक आगे नहीं बढ़ सकता जब तक कि घोषणा-पत्र न भर दिया जाए। (समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
