नई दिल्ली। महाराष्ट्र के भंडारा जिले में तीन नाबालिग दलित बहनों से दुष्कर्म और हत्या के सनसनीखेज मामले में राज्यसभा सांसदों ने एक सुर में केंद्र सरकार से सीबीआइ जांच का निर्देश देने की मांग की है। कांग्रेस के कुछ सांसदों ने महाराष्ट्र पुलिस की जांच पर संदेह जताया। भाजपा ने दिल्ली सामूहिक दुष्कर्म की घटना के दो माह बाद इस मामले में गृह मंत्री से जवाब मांगा। विपक्ष के गुस्से को शांत सरकार को कहना पड़ा कि गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे इस मामले में रिपोर्ट पेश कर जवाब देंगे।

शिवसेना सांसद भरत कुमार राउत ने शून्यकाल में मंगलवार को यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि देश का सिर शर्म से झुक गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि सारा गांव आरोपियों को जानता है, लेकिन पुलिस किसके संरक्षण में उन्हें गिरफ्तार नहीं कर रही। कांग्रेस की रजनी पाटिल ने मामले के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने की आवाज उठाई। कांग्रेस के ही हुसैन दलवी ने सीबीआइ जांच की वकालत की। पार्टी में उनके सहयोगी भालचंद्र मुंगेकर ने कहा कि उन्हें महाराष्ट्र पुलिस पर भरोसा नहीं है, लिहाजा केंद्र महाराष्ट्र सरकार को सीबीआइ जांच का निर्देश दे। आक्रोशित मुंगेकर ने पूछा, दिल्ली दुष्कर्म मामले में इंडिया गेट और संसद मार्ग पर उमड़े पूरे मध्य वर्ग की अंतरात्मा अब क्यों नहीं जागी? एससी-एसटी के खिलाफ अत्याचार के मामलों को गंभीरता से न लिए जाने को उन्होंने शर्मनाक बताया।

भाजपा नेता वेंकैया नायडू ने संसदीय कार्य राज्य मंत्री राजीव शुक्ला से इस मामले को गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे के संज्ञान में लाने को कहा। शुक्ला ने भरोसा दिलाया कि शिंदे मामले पर सदन में एक रिपोर्ट पेश करेंगे। भाजपा सांसद नजमा हेपतुल्ला ने महिला एवं बाल विकास मंत्री कृष्णा तीरथ से पूछा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। मालूम हो कि 16 फरवरी को भंडारा जिले के मुरवाडी गांव में सामने आए इस वाकये में 11 साल से कम उम्र की तीन दलित लड़कियों के शव एक कुएं से मिले थे। पोस्टमार्टम में उनसे दुष्कर्म के बाद हत्या की पुष्टि हुई थी।

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