'लोकतंत्र की हत्या...', राहुल गांधी से ममता बनर्जी तक, CJP नेताओं की गिरफ्तारी पर विपक्ष ने केंद्र को घेरा
CJP नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को गिरफ्तार कर 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। इस ...और पढ़ें

CJP नेताओं की गिरफ्तारी पर विपक्ष का हमला।
HighLights
CJP नेता सौरव दास, आशुतोष रांका को किया गिरफ्तार।
जंतर-मंतर पर CEC के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तारी।
विपक्षी नेताओं ने गिरफ्तारी को लोकतंत्र पर हमला बताया।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शन ने देशभर की सियासत में गर्माहट तेज कर दी है। ऐसे में यही गर्माहट और ज्यादा तेज तब हो गई, जब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी हुई और फिर दोनों नेताओं को 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
फिर क्या? चाहे लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी हों आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल या फिर बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सभी ने CJP नेताओं की गिरफ्तारी को तानाशाही और देश के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया।
राहुल गांधी बोले- कायरतापूर्ण कदम
इस गिरफ्तारी के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने तीखा हमला बोला। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि जंतर-मंतर भारत के लोगों का है और तिरंगा लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना कोई अपराध नहीं है। उन्होंने युवाओं को जेल भेजने को कायरतापूर्ण कदम बताया और कहा कि हम इस अधिकार को वापस लेकर रहेंगे।
ममता बनर्जी ने की निंदा
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की। उन्होंने इसे पूरी पीढ़ी को डराने और चुप कराने की कोशिश बताया। बंगाल की पूर्व सीएम ने कहा कि हम अपने संवैधानिक अधिकारों को कभी नहीं छोड़ेंगे और आपकी दीदी हमेशा आपके साथ हैं।
अभिषेक बनर्जी बोले- भाजपा का नया पाकिस्तानलाइज्ड भारत
टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने इस गिरफ्तारी के खिलाफ भाजपा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने इस गिरफ्तारी को भाजपा का नया पाकिस्तानलाइज्ड भारत बताया। साथ ही कहा कि अपने ही देश में राष्ट्रीय ध्वज फहराने पर लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है।
केजरीवाल बोले- यह बेहद हास्यास्पद
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस गिरफ्तारी से हैरानी जताई। उन्होंने कहा कि क्या अपने ही देश में अपना राष्ट्रीय झंडा फहराना अपराध है? यह बेहद हास्यास्पद है।
स्टालिन ने सरकार से पूछे तीखे सवाल
तमिलनाडु के पूर्व सीएम और डीएमके प्रमुख ने इस मामले में केंद्र सरकार से तीखा सवाल पूछा। उन्होंने पूछा कि वह कितने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेगी और युवाओं की कितनी आवाजों को दबाएगी। स्टालिन ने गिरफ्तार नेताओं को हर संभव कानूनी सहायता और समर्थन देने का एलान किया।
लोकतंत्र की बहाली तक लड़ाई जारी- आदित्य ठाकरे
शिवसेना (UBT) सांसद आदित्य ठाकरे ने इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बताया। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर तिरंगा थामने वाले युवाओं को जेल में डाला गया है। उन्होंने जोर दिया कि लोकतंत्र की बहाली तक यह लड़ाई जारी रहेगी।
CPI महासचिव ने बताया अलोकतांत्रिक
सीपीआई महासचिव डी राजा ने इस गिरफ्तारी को अलोकतांत्रिक बताया। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर को दो दिन पहले तक धरना स्थल के रूप में अधिसूचित किया गया था। उन्होंने दोनों नेताओं की तत्काल रिहाई की मांग की।
क्यों हुई है CJP नेताओं की गिरफ्तारी?
मामले में पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, सौरव दास और आशुतोष रांका ने मंगलवार को तड़के बैरिकेड्स तोड़कर जंतर-मंतर परिसर में प्रवेश किया था, जिसे हाल ही में प्रदर्शन स्थल के रूप में अननोटिफाइड कर दिया गया था। वे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी कर रहे थे।
ऐसे में पुलिस ने उन पर बिना अनुमति प्रवेश, निषेधाज्ञा का उल्लंघन, शांति भंग करने और लोक सेवक के काम में बाधा डालने जैसी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। फिर बुधवार को अदालत ने दोनों नेताओं को 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जिसके बाद से राजनीतिक दलों और छात्र संगठनों में रोष लगातार बढ़ता जा रहा है।
