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CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का महाभियोग नोटिस, 193 सांसदों ने हस्ताक्षर का दावा

Published: Fri, 13 Mar 2026 10:30 PM (IST)

विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ संसद के दोनों सदनों में महाभियोग का नोटिस दिया ...और पढ़ें

सीईसी को हटाने के लिए नोटिस दिया। (पीटीआई)

सीईसी को हटाने के लिए नोटिस दिया। (पीटीआई)

HighLights

  1. विपक्षी दलों ने सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग नोटिस दिया।

  2. तृणमूल कांग्रेस के नेतृत्व में 193 सांसदों ने हस्ताक्षर किए।

  3. मतदाता सूची से नाम हटाने, भेदभाव के आरोप शामिल।

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआइआर) को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ विपक्षी दलों का बढ़ा टकराव अब महाभियोग तक आ पहुंचा है।

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की अगुवाई में शुक्रवार को विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) को हटाने के लिए संसद के दोनों सदनों में महाभियोग का नोटिस दिया है। जिसमें विपक्षी दलों के करीब 193 सांसदों के हस्ताक्षर का दावा किया जा रहा है। इनमें करीब 130 सांसद लोकसभा के और करीब 63 सांसद राज्यसभा के है।

इस दौरान महाभियोग नोटिस के लिए जिन प्रमुख आरोपों को आधार बनाया गया है, उनमें मतदाता सूची से बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम गलत तरीके से काटे जाने व विपक्षी दलों के साथ भेदभाव जैसे आरोप शामिल है।

TMC ने सीईसी को हटाने के लिए नोटिस दिया

तृणमूल कांग्रेस सांसद सौगत राय ने सीईसी को हटाने के लिए नोटिस देने की पुष्टि की है। हालांकि सूत्रों का दावा है कि इस नोटिस में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे सहित आप पार्टी के कई सांसदों ने हस्ताक्षर नहीं किए है।

यह बात अलग है कि सीईसी के खिलाफ लाए गए इस महाभियोग नोटिस को पारित कराने के लिए विपक्ष के पास दोनों ही सदनों में से किसी में जरूरी बहुमत नहीं है।

बावजूद इसके टीएमसी अभी सिर्फ इस बात से खुश दिख रही है, कि उसने नोटिस के लिए जरूरी संख्याबल को जुटा लिया है। साथ ही मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ छिड़ी लड़ाई का अब अगुवा बन गया।

10 पन्ने के नोटिस में सीईसी पर लगाए कई आरोप

सूत्रों के मुताबिक, सीईसी को हटाने के लिए दिया गया महाभियोग का यह नोटिस दस पन्नों से अधिक का है। इस नोटिस में सीईसी के खिलाफ महाभियोग लाने के लिए जिन प्रमुख आरोपों को आधार बनाया गया है, उनमें देश भर से बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाने, विपक्षी दलों के साथ भेदभाव करने, भाजपा को चुनाव में मदद पहुंचाने जैसे करीब सात आरोप शामिल है।

गौरतलब है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष बिहार में शुरू हुए एसआइआर के समय से मोर्चा खोले हुए है। सीईसी को हटाने के लिए दिए जाने वाले महाभियोग नोटिस के लिए लोकसभा के करीब 100 व राज्यसभा के 50 सांसदों के हस्ताक्षर जरूरी है।

सीईसी को हटाने के नोटिस पर विचार नहीं किया गया तो होगा शक: डेरेक

तृणमूल कांग्रेस नेता व राज्यसभा सांसद डेरेक ओब्रायन ने शुक्रवार को कहा कि यदि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए दिए महाभियोग नोटिस पर सरकार विचार नहीं करती है, तो एग्जीक्यूटिव और सीईसी के बीच किसी गुप्त समझौते पर शक होगा।

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