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बड़े शहरों में अभी भी रुला रहा प्याज, चीनी के दाम पर गडकरी बोले- आपूर्ति से तय होती हैं कीमतें

Published: Tue, 22 Sep 2026 11:23 PM (IST)

देश भर के बड़े शहरों में प्याज की कीमतें अभी भी ऊंची बनी हुई हैं, जबकि सरकार बफर स्टॉक से ...और पढ़ें

बड़े शहरों में प्याज की कीमतें अभी भी रुला रही हैं (फाइल फोटो)

बड़े शहरों में प्याज की कीमतें अभी भी रुला रही हैं (फाइल फोटो)

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देश भर में प्याज लगातार महिलाओं की रसोई का बजट बिगाड़ रहा है। बफर स्टाक से 35 रुपये प्रति किलो की रियायती दर पर प्याज बेचने के सरकार के उपायों के बावजूद बड़े शहरों में प्याज अब भी रुला रहा है। मंगलवार को मेट्रो शहरों के खुदरा बाजारों में प्याज की कीमत 53 रुपये से 60 रुपये प्रति किलो के बीच रही।

 

शहरों के अनुसार प्याज की कीमतें

स्थान / विवरण कीमत (प्रति किलोग्राम)
दिल्ली ₹53
मुंबई ₹58
कोलकाता ₹60
चेन्नई ₹60
न्यूनतम कीमत ₹29
अधिकतम कीमत ₹100

22 सितंबर को देश में प्याज की खुदरा औसत कीमत 54.2 रुपये प्रति किलोग्राम रही। प्याज की अधिकतम कीमत 100 रुपये प्रति किलोग्राम, जबकि न्यूनतम कीमत 29 रुपये प्रति किलोग्राम रही। हालांकि प्राइवेट ट्रेड डेटा के मुताबिक खुदरा कीमतें मंत्रालय के डाटा की तुलना में काफी ज़्यादा थीं। गौरतलब है कि प्याज की कीमतों पर लगाम लगाने के लिए सरकार दिल्ली और देशभर के 50 से अधिक अन्य शहरों में 35 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बफर स्टाक से सब्सिडी वाली बिक्री के जरिये आपूर्ति बढ़ा रही है।

वहीं अगर चीनी की बात करें देश में चीनी की बढ़ी कीमतों के बीच केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि चीनी की कीमतें वैश्विक मांग- आपूर्ति से तय होती हैं ।कृषि उत्पादों की कीमतें तय करने में सरकारों की भूमिका बहुत कम होती है।

नेशनल फेडरेशन आफ कोआपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज लिमिटेड के कार्यक्रम में गडकरी ने कहा, 'हम अब वैश्विक अर्थव्यवस्था में हैं। कोई भी सरकार ऐसी अर्थव्यवस्था में चाह कर भी कृषि उत्पादों की कीमतें निर्धारित नहीं कर सकती।' उन्होंने कहा कि चीनी की कीमतें ब्राजील जैसे देशों में उत्पादन से काफी प्रभावित होती हैं, जबकि अन्य वस्तुएं भी वैश्विक बाजार द्वारा प्रभावित होती हैं।

उन्होंने बताया कि ब्राजील बड़े पैमाने पर मशीनों से की जाने वाली खेती से लाभान्वित होता है, जो उत्पादन लागत को काफी कम करता है। ब्राजील में चीनी उत्पादन की लागत लगभग 23 रुपये प्रति किलोग्राम है, जबकि भारत में यह 33-34 रुपये प्रति किलोग्राम है। ब्राजील में अधिशेष चीनी उत्पादन से अक्सर भारतीय बाजार में चीनी की कीमतों पर असर होता है।

न्यूज एजेंसी PTI के इनपुट के अनुसार