जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रमादित्य पर शुक्रवार को आग लगने से एक नौसेना के अधिकारी की मौत हो गई। आग उस वक्त लगी जब यह पोत कर्नाटक के कारवार बंदरगाह पंहुच रहा था। जहाज के चालक दल ने जहाज की लड़ाकू क्षमता को प्रभावित करने वाली किसी भी गंभीर क्षति को रोकने के लिए कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। लेकिन इस सबके बीच उनके एक ऑफिसर की मौत हो गई।

भारतीय नौसेना ने यहां बताया कि लेफ्टिनेंट कमांडर डीएस चौहान के नेतृत्व में पोत पर लगी आग को बुझाने का प्रयास किया जा रहा था। पोत पर मौजूद क्रू की मुस्तैदी के चलते फौरन आग पर काबू पाया गया, जिसकी बदौलत पोत को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ। हालांकि इस दौरान आग और धुएं के चलते लेफ्टिनेंट कमांडर अचेत हो गए। उन्हें तत्काल कारवाड़ स्थित नौसैनिक अस्पताल में भर्ती किया गया। लेकिन इस बहादुर अफसर को बचाया नहीं जा सका।

गौरतलब है कि आईएनएस विक्रमादित्य रूस से आयातित एक पुराना विमानवाहक पोत है जिसे आधुनिक रुप दे कर भारतीय नौसेना में 2013 में औपचारिक तौर पर शामिल किया गया था। 45 हजार टन विस्थापन क्षमता वाला यह विमानवाहक पोत पर करीब 30 विमान और हेलीकाप्टर तैनात किये जा सकते है। हिंद महासागर में भारत के समुद्री हितों की रक्षा और चौकसी में इस पोत की बड़ी भूमिका है।

 

Posted By: Dhyanendra Singh

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